“शिकायतें होती रहीं, रास्ता कटता रहा! जिगनहट नदी के कटाव से 25 गांव परेशान, 8 किमी का बढ़ा सफर” —
सतना - जिगनहट मार्ग पर जिगनहट नदी के कटाव से आवागमन प्रभावित, 25 गांवों के लोगों की बढ़ी परेशानी -
मध्यप्रदेश:- सतना-जिगनहट जाने वाले मार्ग पर जिगनहट नदी के तेज बहाव और कटाव ने करीब 25 गांवों के ग्रामीणों की राह मुश्किल कर दी है। नदी के कटाव से मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों का सामान्य आवागमन प्रभावित है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अब अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए 7 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, यह मार्ग लंबे समय से आसपास के करीब 25 गांवों के लिए प्रमुख आवागमन का रास्ता रहा है। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से स्कूली बच्चों, किसानों, मजदूरों, मरीजों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। खासकर जरूरी काम और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों में अतिरिक्त दूरी तय करना ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई पर सवाल –
मामले को लेकर वर्तमान सरपंच और पूर्व सरपंच द्वारा शासन-प्रशासन से लगातार शिकायत किए जाने का दावा किया गया है। इसके बावजूद मार्ग की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब मार्ग करीब 25 गांवों के आवागमन से जुड़ा है, तो कटाव की समस्या सामने आने के बाद तत्काल मौके का निरीक्षण कर वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था और स्थायी समाधान की दिशा में काम होना चाहिए था।
वैकल्पिक मार्ग की मांग –
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक क्षतिग्रस्त मार्ग की स्थायी मरम्मत नहीं होती, तब तक तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को 7-8 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर न लगाना पड़े।
इसके साथ ही भार्ग नदी के कटाव को रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने की मांग भी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटाव पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो मार्ग को और नुकसान पहुंच सकता है और आने वाले समय में समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
बड़ा सवाल: आखिर कब मिलेगी राहत?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार शिकायत किए जाने की बात सामने आ रही है, तो करीब 25 गांवों से जुड़े इस मार्ग की समस्या का समाधान अब तक क्यों नहीं हुआ?
ग्रामीण अब प्रशासन से मौके पर तत्काल निरीक्षण, वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था और नदी के कटाव को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों को इंतजार है कि शिकायतों के बाद अब प्रशासन कब इस समस्या का संज्ञान लेकर जमीन पर कार्रवाई करता है।



