नवीन तिवारी —
वाराणसी:- ज्योतिष एवं द्वारका-शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज का 102वां प्राकट्योत्सव काशी स्थित श्रीविद्यामठ में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर काशी के वरिष्ठ वैदिक आचार्यों के सान्निध्य में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
श्रीविद्यामठ के प्रभारी ब्रह्मचारी परमात्मानंद के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ब्रह्मलीन शंकराचार्य जी महाराज की चरण पादुका का पूजन किया गया। इसके बाद वैदिक आचार्यों मणि झा, ओमप्रकाश पाण्डेय, विनय भूषण तिवारी, शिवाकांत मिश्रा और अनिरुद्ध मिश्रा ने रुद्राभिषेक कराया। इसके उपरांत मोदक से अर्चन किया गया। 108 वैदिक विद्यार्थियों ने चतुर्वेद का परायण भी किया।
श्रीविद्यामठ में दिनभर भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि, ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान दो बार जेल गए। उन्होंने सनातन धर्म और राष्ट्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि शंकराचार्य जी महाराज रामजन्मभूमि आंदोलन से भी जुड़े रहे। उनके निर्देश और इच्छा के अनुसार वर्तमान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने रामालय ट्रस्ट के माध्यम से रामजन्मभूमि से जुड़े न्यायिक संघर्ष में लंबे समय तक भूमिका निभाई। इसके अलावा गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित कराने और रामसेतु संरक्षण जैसे विषयों को लेकर भी आंदोलन किए गए।
मीडिया प्रभारी के अनुसार, ब्रह्मलीन शंकराचार्य जी महाराज ने वनवासी, आदिवासी, दलित और महादलित समाज के बीच धर्म एवं सामाजिक कार्यों के लिए भी प्रयास किए। उनके सान्निध्य और प्रेरणा से वर्तमान में भी विभिन्न स्थानों पर नि:शुल्क चिकित्सालय, वेद विद्यालय, वृद्धाश्रम और गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है।
102वां प्राकट्योत्सव छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा, ज्योतिर्मठ सहित देश-विदेश के विभिन्न स्थानों पर भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन शंकराचार्य जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में सर्वभूतात्मानंद ब्रह्मचारी, रमेश उपाध्याय, डॉ. लता पाण्डेय, सावित्री पाण्डेय, अभय शंकर तिवारी, विजया तिवारी, ममता मिश्र, उर्मिला शुक्ल, पूनम मिश्र, रिंकी, लीला तिवारी, शिवानी, दुर्गेश नंदिनी, सीता साव, शोभा पाण्डेय, दीपा पटेल, अंकिता पटेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



