
लखनऊ: – निदेशक प्रो. डॉ. सी.एम. सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के श्वसन रोग चिकित्सा विभाग द्वारा दिनांक 29 सितम्बर 2026 को पल्मोनरी फाइब्रोसिस जागरूकता माह एवं राष्ट्रीय पोषण माह के उपलक्ष्य में अतिथि व्याख्यान एवं नेबुलाइजेशन तकनीक पर नर्सिंग प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्वसन संबंधी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रोगों की शीघ्र पहचान एवं निदान को प्रोत्साहित करना, रोगियों के उपचार में पोषण के महत्त्व को रेखांकित करना तथा नेबुलाइजेशन चिकित्सा में नर्सिंग कर्मियों के व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. अरविंद सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. शिवकुमार मुद्गल, प्राचार्य, कॉलेज ऑफ नर्सिंग; सुमन सिंह, मुख्य नर्सिंग अधिकारी; प्रो. अजय कुमार वर्मा, विभागाध्यक्ष, श्वसन रोग चिकित्सा विभाग एवं आयोजन अध्यक्ष; तथा डॉ. मृत्युंजय सिंह, परामर्शदाता, श्वसन रोग चिकित्सा एवं आयोजन सचिव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का स्वागत संबोधन प्रो. अजय कुमार वर्मा द्वारा दिया गया। उन्होंने श्वसन संबंधी रोगों, विशेषकर इंटरस्टिशियल लंग डिजीज एवं पल्मोनरी फाइब्रोसिस के प्रति जनजागरूकता, रोगों की शीघ्र पहचान एवं समयबद्ध उपचार के महत्त्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने सतत चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग कर्मियों के संवेदीकरण, रोगी सुरक्षा तथा बहुविषयक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में नर्सिंग कर्मियों, विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्य सेवा से जुड़े विभिन्न पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों में चिकित्सकीय ज्ञान को व्यावहारिक रोगी देखभाल से जोड़ने, रोगियों में जागरूकता बढ़ाने, उपचार के प्रति अनुपालन सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष बल दिया गया।
आयोजन समिति में श्वसन रोग चिकित्सा विभाग के प्रो. अजय कुमार वर्मा (आयोजन अध्यक्ष), डॉ. मृत्युंजय सिंह (आयोजन सचिव), डॉ. हेमंत कुमार, डॉ. सुलक्षणा गौतम एवं डॉ. पुलकित गुप्ता सम्मिलित रहे।
इस आयोजन के माध्यम से संस्थान ने निदेशक प्रो. डॉ. सी.एम. सिंह के मार्गदर्शन में शैक्षणिक उत्कृष्टता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, सतत नर्सिंग शिक्षा तथा नियमित प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से रोगी देखभाल के स्तर को बेहतर बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



