
अजित उपाध्याय –
द्वितीय_गणेश_पूजन_सम्पन्न
#वर्णानामर्थसंघानां_रसानां_छन्दसामपि।
मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥1॥
भवानीशंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ।
याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाः स्वान्तःस्थमीश्वरम्
राम नगर की रामलीला –
वाराणसी :- आज द्वितीय श्री गणेश पूजन के दो घंटे का समय राम मय के साथ साथ जीवन के मूल्यों और आध्यात्म पक्ष को बढ़ा देने वाला होता है। बालकों में भी ईश्वर देखने की ललक,रामचरितमानस सुनने और गाने की बढ़ती इच्छा, लोगो से आदर प्रेम पूर्वक मिलना ही तो हृदय में मूल्यों और आध्यात्म को जगा देने में साधन जैसा प्रतीत होता है। इस समय में संसारी झंझटो से अपने को दूर करके प्रत्येक लीला प्रेमी श्री राम जी और श्री रामचरितमानस से जुड़ने का प्रयास करता है।
जैसे ही रामायणी दल द्वारा नारद वाणी में विनयपत्रिका से गाइए गणपति जग वंदन, शंकर सुवन भवानी के नंदन का गायन होता है वैसे ही चित्त और मन में सुकून और भक्ति का मधुर मीठा पीयूष घुल जाता है। और इसी मंगलाचरण के अंतिम पंक्ति –
“मागत तुलसीदास कर जोरे। बसहि राम-सिय मानस मोरे॥” में मानो
बाबा तुलसी दास हम सभी लीला प्रेमियों के ओर से गणपति जी से सभी के हृदयों में राम सिया के निवास करने का वर मांग लेते है। इसी लिए तो वहां उपस्थित सभी साधारण से साधारण व्यक्ति भी राम जी के प्रेम से सने मिलते हैं या राम जी से जुड़ने का प्रयास करते है।

प्रति वर्ष के भांति रामलीला अधिकारी पाठक जी जजमान रूप में पंडित श्री रामनारायण पांडेय जी से संकल्प पूजन करवाते हैं। इस संकल्प का उद्देश्य श्री रामलीला के अनुष्ठान से राजा, प्रजा तथा देखने सुनने वाले और कार्यकर्ताओं का कल्याण होना है।

पण्डित रामनारायण पांडेय जी एवं शांत नारायण पांडेय जी द्वारा विधि विधान से पूजन कराया गया।। पूजन में मुख्य रूप से पंच स्वरूप (राम,सीता, भरत, शत्रुघ्न,एवं लक्ष्मण) वशिष्ठ जी, दसरथ जी ,रामलीला व्यास एवं रामायणी दल के साथ ही अन्य सहायक पात्र थे । तत्पश्चात बालकाण्ड में मंगला चरण से सात दोहे तक का नारद वाणी में पाठ किया गया जिसे सुनकर सभी भावविभोर हो गए।
सभी लीला प्रेमी आज के प्रसंग को मन चित्त में बिठाकर और प्रभु लीला की प्रतिक्षा का सरस आनंद भरकर संसार के जंजाल में पुनः लौट गए।
25 सितंबर से शुरू होगी विश्व प्रसिद्ध राम नगर की राम लीला – सूची — 
हर हर महादेव🙌🙌
जय सियाराम जी की🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼



