लखनऊ:- छात्रहित से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई ने सोमवार को सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के साथ कुलपति कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रावास, मेस, स्वच्छता, पेयजल, पुस्तकालय, साइबर लाइब्रेरी और शोधार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए गए।

अभाविप की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में छात्रावासों में भोजन एवं मेस व्यवस्था में सुधार, स्वच्छता और पेयजल की समुचित व्यवस्था, आवश्यक मरम्मत कार्य तथा पुस्तकालय एवं साइबर लाइब्रेरी में पुस्तकों, ई-जर्नल और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।

PhD शोधार्थियों से जुड़े मुद्दों पर कमिटी गठित करने पर सहमति बनी। इसमें इंस्टीट्यूशनल आईडी, PhD कॉमन रूम, विभागीय पुस्तकालय और छात्रावास से जुड़े विषय शामिल हैं। कमिटी में विद्यार्थियों को भी शामिल किए जाने और 30 सितंबर तक निर्णय कुलपति के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही गई।
इसके अलावा ललित कला संकाय एवं विजुअल आर्ट्स के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर लैब, आवश्यक उपकरण और अन्य प्रशासनिक समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभाविप की प्रमुख मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अभाविप अवध प्रांत के प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने कहा कि सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने एकजुट होकर छात्रहित के मुद्दे प्रशासन के सामने रखे। उन्होंने कहा कि मांगों पर सहमति बनी है और अब निर्धारित समयसीमा में उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत है।
लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई की उपाध्यक्ष वर्तिका ने कहा कि मेस, स्वच्छता, पेयजल, पुस्तकालय और शोधार्थियों से जुड़े मुद्दे विद्यार्थियों के दैनिक जीवन एवं अध्ययन से सीधे जुड़े हैं। वहीं इकाई मंत्री आर्यन कुशवाहा ने कहा कि PhD शोधार्थियों से जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों की भागीदारी और 30 सितंबर तक निर्णय प्रस्तुत करने पर सहमति बनी है।
प्रदर्शन में आर्यन शर्मा, अमन दुबे, सौम्य शुक्ला, कविता, नंदिनी, सिद्धार्थ, प्रत्युष, विवेक, शक्ति, शिवम, अक्षय, विनायक, दिव्यांशु सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।



