
लखनऊ:- उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा मनाए जा रहे स्वच्छता सप्ताह के तीसरे दिन आज मेट्रो अधिकारियों और कर्मचारियों ने मेट्रो स्टेशन परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में श्रमदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के संदेश को अपनाते हुए यूपी मेट्रो के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस पहल में भाग लिया।

उन्होंने स्वेच्छा से साफ-सफाई के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और लोगों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरुक किया। इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग : स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई। इसी भावना के साथ उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्रमदान किया।
यूपी मेट्रो द्वारा मनाए जा रहे स्वच्छता सप्ताह के तहत 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक लखनऊ, कानपुर और आगरा में विभिन्न स्वच्छता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार भी सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर मौजूद रहें, उन्होंने वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ श्रमदान में हिस्सा लिया। उन्होंने इस पहल को न केवल सफाई बनाए रखने का, बल्कि स्वच्छता को एक दैनिक जिम्मेदारी की तरह समझने के लिए प्रेरित किया।

हिंदी पखवाड़ा – पुरस्कार वितरण
आज यूपी मेट्रो के प्रशासनिक भवन में प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने 14 सितंबर से 28 सितंबर तक चले हिंदी पखवाड़ा के विजेताओं को भी सम्मानित किया। । हिंदी पखवाड़े में यूपी मेट्रो के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने निबंध लेखन, सुलेख, प्रश्नोत्तरी, अनुवाद एवं भाषण जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
हिंदी पखवाड़ा के विजेताओं के नाम
भाषण
प्रथम – नैन्सी अरोड़ा (प्रबंधक/जनसंपर्क/लखनऊ)
द्वितीय – नम्रता राणा (प्रबंधक/मा. सं./लखनऊ), याकूत फातिमा (खंड अभियंता/सं एवं दू. सं./लखनऊ)
तृतीय – स्मारिका सिंह (स. प्रबंधक/ जनसंर्पक/लखनऊ)

निबंध लेखन
प्रथम – हेमंत पांडेय (अपर महाप्रबंधक /प्रॉपर्टी डेवलपमेंट/लखनऊ)
द्वितीय – अभिषेक कुमार विश्वकर्मा (खंड अभियंता-II /कर्षण/ कानपुर), आदर्श कुमार मिश्र (वरि. अनुरक्षक/रेलपथ/लखनऊ)
तृतीय – दिव्यांशु शुक्ल (कार्यालय सहायक/मानव संसाधन/ लखनऊ)

सुलेख
प्रथम – लक्ष्मी चौरसिया (अनुरक्षक/विद्युत/च स्टॉक/लखनऊ)
द्वितीय – वैशाली नेहरा (प्रबंधक/सिविल/लखनऊ)
तृतीय – गरिमा सिंह (खंड अभियंता/डिजाइन/लखनऊ)

प्रश्नोत्तरी
प्रथम – उमंग अग्रवाल (स्टेशन नियंत्रक सह रेलगाड़ी चालक/आगरा)
द्वितीय – विकाश रंजन (खंड अभियंता-II /कर्षण/ कानपुर), कीर्ति चौधरी (जनसंपर्क सहायक/आगरा)
तृतीय – राजेश झा (सहायक लेखाकार/वित्त/लखनऊ), हिमांशु सोनकर (कनिष्ठ अभियन्ता /कर्षण/आगरा)
अनुवाद
प्रथम – अभिषेक सिंह (प्रबंधक/सिविल/कानपुर)
द्वितीय – आयुष श्रीवास्तव (स. प्रबंधक/कर्षण/कानपुर), अभिषेक कुमार विश्वकर्मा (खंड अभियंता-II/कर्षण/कानपुर)
तृतीय – अजीत सिंह (खंड अभियंता/कर्षण/कानपुर), कीर्ति चौधरी (जनसंपर्क सहायक/आगरा), अभिषेक सिंह (प्रबंधक/ वि. एवं यां/ आगरा), स्वप्निल सिंह (खंड अभियंता/विद्युत/कानपुर)
इस अवसर पर यूपी मेट्रो के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा, “स्वच्छता श्रमदान केवल साफ-सफाई की गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और पर्यावरण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी की अभिव्यक्ति है। स्वच्छता की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारी से होती है और जब हम सभी एक साझा उद्देश्य के साथ मिलकर प्रयास करते हैं, तो इसका प्रभाव और भी व्यापक होता है।”



