लखनऊपूर्वांचल

एबीवीपी के राष्ट्रीय कला मंच, लखनऊ विश्वविद्यालय की इकाई द्वारा ‘समता भाव मंजरी’ काव्य संगोष्ठी का आयोजन –

 

 

लखनऊ:-   अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय कला मंच की लखनऊ विश्वविद्यालय की इकाई द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय के गाँधी प्रतिमा पार्क में ‘समता भाव मंजरी’ काव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बाबा साहब भीम राव राम जी अम्बेडकर जी का सजीव चित्रांकन किया गया तथा भारतीय संस्कृति, लोक-आस्था, समरसता और काव्य परंपरा पर केंद्रित संगोष्ठी संपन्न हुई।

कार्यक्रम में युवा कवियों ने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ करते हुए भारतीय परंपरा, सांस्कृतिक गौरव एवं सामाजिक चेतना एवं समरसता के भावों को अभिव्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि ‘समता भाव मंजरी’ जैसे आयोजन नवपीढ़ी में साहित्यिक चेतना जगाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा देते हैं।

राष्ट्रीय कला मंच की कार्यकर्ता एवं विश्वविद्यालय की ललित कला विभाग के विद्यार्थी शिवम, मानसी, विवेकानंद, रूद्र और संजीव ने अम्बेडकर जी का सजीव चित्रांकन किया तथा कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कला मंच अवध प्रान्त के प्रान्त सह संयोजक आशुतोष श्रीवास्तव ने किया। 

कार्यक्रम का आरम्भ संस्कृत विभाग के छात्र हर्षित द्वारा संस्कृत मंत्रोच्चरण से हुआ। कविता पाठ के क्रम में प्रखर ने अपनी कविता “मेरे जीवन के अंधकार का, क्या कोई उपचार करोगे! क्या तुम नइया पार करोगे!” का पाठ किया। अविरल शुक्ल ने अपनी कविता “मोहब्बत करने वालों देख लो कितनी मिसालें हैं, जिसे हम चाहते पाना वही अक्सर नहीं मिलटे!” कविता का पाठ किया। सूर्यांश ने पढ़ा ‘भारत के टूटे सपनों की व्यथा सुनाने आया हूँ! सोने की चिड़िया को फिर से पँख लगाने आया हूँ!’ रोहित ने पढ़ा ‘मृत्यु देखी मौन हो गये, ख़ुद मृत्यु को लिक्खा क्या? जिसने भी मृत्यु लिक्खी है, क्या उसने महसूस किया!’ हिन्दी विभाग के शोधार्थी नवनीत कुमार ने पढ़ा अगर कृष्णा चाहें, तो सब छोड़ दूँगा!’ इसके अतिरिक्त दिव्यांश, शोभित, अनिल, उदय, मुकेश एवं राम लखन ने अपनी स्वरचित कविताओं से श्रोताओं को भावविभोर किया। इसके बाद सभी कवियों और कला-साधक को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में अंशिका ने मनमोहक गिटार वादन द्वारा भजन की प्रस्तुति कर वातावरण को मधुर और भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से क्षेत्रीय संयोजक(छात्र शक्ति-पत्रिका) विकास तिवारी, राष्ट्रीय कला मंच की प्रान्त सह संयोजक हर्षिका, लखनऊ उत्तर के जिला संयोजक अभिषेक, लखनऊ विश्वविद्यालय के इकाई अध्यक्ष प्रत्यूष, जतिन शुक्ल, सुभांश एवं निर्जला सहित तमाम विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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