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स्वास्थ्य कार्यशाला 2025 का सफल आयोजन लखनऊ विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ किया गया –

 

लखनऊ:- लखनऊ विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ (LUIPS) द्वारा आज “स्वास्थ्य कार्यशाला 2025” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यशाला माननीय कुलाधिपति एवं कुलपति महोदया प्रो. मनुका खन्ना के संरक्षण में तथा डीन प्रो. सतेंद्र सिंह एवं निदेशक प्रो. पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित की गई।
उनके दिशा-निर्देशों ने इस कार्यक्रम को उच्च स्तर की संरचना एवं उद्देश्यपरकता प्रदान की। कार्यक्रम में प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान रेजेन्सी अस्पताल, लखनऊ के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने विविध स्वास्थ्य विषयों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। अतिथि वक्ताओं में शामिल रहे डॉ. आलोक कुमार पांडेय जी(DM Nephrology) जिन्होंने गुर्दे से संबंधित रोगों, उनकी रोकथाम, प्रारम्भिक संकेतों की पहचान और वैज्ञानिक उपचार विधियों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने गुर्दों के कार्य, शरीर में उत्पन्न मेटाबॉलिक वेस्ट (Metabolic Waste) के निष्कासन तथा क्रिएटिनिन जैसे अपशिष्ट पदार्थों के स्तर को नियंत्रित रखने की महत्ता पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि गुर्दे शरीर से टॉक्सिक मेटाबॉलिक पदार्थों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह प्रक्रिया अमोनिया–यूरिया जनरेशन के माध्यम से पूरी होती है, जिसमें शरीर के अपशिष्ट पदार्थ जल के साथ मिलकर बाहर निकल जाते हैं। डॉ. पियूष कुमार ठाकुर (DM Gastroenterology & Hepatology) ने पाचन तंत्र एवं यकृत रोगों की जटिलताओं, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा जीवनशैली सुधार हेतु आवश्यक सावधानियों पर विशेषज्ञ परामर्श साझा किया। चिकित्सकों ने बताया कि किडनी संबंधी रोग, जैसे पेरेंकाइमल रोग, किडनी ऑब्स्ट्रक्शन, अक्यूट रीनल फेल्योर, क्रॉनिक रीनल फेल्योर, फैटी लिवर, गैस्ट्राइटिस, कब्ज़, आदि तेजी से बढ़ रही जीवनशैली संबंधी समस्याओं से जुड़े हैं। इसी क्रम में डायबिटीज़ प्रबंधन के नवीनतम तरीकों पर भी प्रकाश डाला गया तथा प्रतिभागियों को जागरूक किया गया कि शुरुआती जांच और समय पर उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। व्याख्यान के दौरान BTL 2020 पर आधारित अल्ट्रासाउंड एंडोस्कोपी, किडनी रोगों के निदान तथा उपचार से जुड़े नवीन शोध परिणाम और पुणे (2015) के क्लीनिकल डेटा के आधार पर रोगियों में देखे गए सुधारों की जानकारी भी साझा की गई। स्वास्थ्य कार्यशाला 2025 का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों को आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों, रोग निवारण वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तथा स्वस्थ जीवनशैली विषयक प्रमाणिक एवं उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना था। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य संबंधी कई महत्वपूर्ण पहलुओं की गहन समझ प्राप्त की। Here is a polished Hindi line including your sentence, suitable for a press note: ⸻ इस अवसर पर बृजेश सिंह जी का भी सक्रिय योगदान रहा, जिन्होंने इन स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका नि लखनऊ विश्वविद्यालय समय-समय पर ऐसे जनहितकारी शैक्षिक एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के माध्यम से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता रहेगा। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. नम्रता सिंह रहीं, जिनके कुशल निर्देशन एवं समन्वय से कार्यशाला सुचारू रूप से सम्पन्न हुई। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य संबंधी कई महत्वपूर्ण पहलुओं की गहन समझ प्राप्त की। लखनऊ विश्वविद्यालय समय-समय पर ऐसे जनहितकारी शैक्षिक एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के माध्यम से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता रहेगा। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. नम्रता सिंह रहीं, जिनके कुशल निर्देशन एवं समन्वय से कार्यशाला सुचारू रूप से सम्पन्न हुई।

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