
लखनऊ:- उत्तर प्रदेश शासन के गोपन-3 विभाग में कार्यरत एक समीक्षा अधिकारी ने अनुभाग अधिकारी विजय कुमार सिंह को उनके पद से हटाने की मांग की है। यह मांग उनके खिलाफ चल रही विशाखा समिति की जांच के दौरान निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए की गई है। समीक्षा अधिकारी ने विजय कुमार सिंह के विरुद्ध प्रमुख सचिव गृह, व गृह सचिव और सचिवालय प्रशासन विभाग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद, 20 अगस्त को सचिवालय प्रशासन अनुभाग-1 (अधि.) के आदेश के तहत विशाखा समिति के दिशानिर्देशों के अनुसार एक आंतरिक परिवार समिति का गठन किया गया था। समिति के गठन और शिकायत दर्ज हुए तीन माह से अधिक समय बीत चुका है। जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है और न ही समिति द्वारा निर्धारित अवधि में विजय कुमार सिंह को उनके पद से हटाया गया है। शिकायतकर्ता ने पहले भी कई बार विजय कुमार सिंह को पद से हटाने के लिए आवेदन और ईमेल भेजे थे, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया गया है कि विजय कुमार सिंह की निरंतर उपस्थिति संभावित गवाहों को प्रभावित कर रही है। इससे कार्यस्थल पर दबावमुक्त और निष्पक्ष जांच की संभावना बाधित हो रही है, जिससे शिकायतकर्ता और अन्य कर्मचारियों के लिए भयपूर्ण और असुविधाजनक वातावरण उत्पन्न हो रहा है। प्रमुख सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग से निवेदन किया गया है कि जांच की पूर्ण निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जांच अवधि तक विजय कुमार सिंह को गोपन-3 के दायित्वों से अलग किया जाए। ऐसा करने से जांच निष्पक्ष और दबावमुक्त हो सकेगी, गवाह स्वतंत्र रूप से अपने बयान प्रस्तुत कर सकेंगे और कार्यस्थल पर स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हो सकेगा। शिकायतकर्ता ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगी। बीते 9 दिसंबर को प्रशासनिक फेरबदल में अनुभाग अधिकारी विजय कुमार सिंह का तबादला कर दिया गया है। उन्हें गोपन विभाग से हटाकर पर्यावरण, वन्य एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में भेजा गया है। यह आदेश नियुक्ति प्राधिकारी की ओर से अनु सचिव बसन्त कुमार तिवारी द्वारा जारी किया गया है।



