
लखनऊ :- उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) को पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ शहरी परिवहन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए टाइम्स इंटरनेट इकोप्रेन्योर अवॉर्ड्स 2026 में प्रतिष्ठित ‘एंटरप्राइज सस्टेनेबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित समारोह में यूपीएमआरसी के निदेशक (वित्त) श्री शील कुमार मित्तल ने संस्था की ओर से प्राप्त किया।
यह राष्ट्रीय सम्मान पर्यावरण संरक्षण और बेहतर संचालन को साथ लेकर चलने के यूपीएमआरसी के निरंतर प्रयासों की पहचान है। इसके साथ ही यूपीएमआरसी ने देश के अग्रणी हरित और पर्यावरण-अनुकूल मेट्रो संगठनों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

ग्रीन और पर्यावरण-अनुकूल मेट्रो प्रणाली को मिली राष्ट्रीय पहचान —
“ग्रीन मेट्रो, क्लीन मेट्रो” के लक्ष्य के साथ यूपीएमआरसी ने लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो की योजना, निर्माण और संचालन के हर चरण में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा है। नई तकनीकों, सौर ऊर्जा, संसाधनों के बेहतर उपयोग और हरित विकास के माध्यम से यूपीएमआरसी ने देश की सबसे टिकाऊ मेट्रो प्रणालियों में से एक विकसित की है।
यूपीएमआरसी भारत का पहला मेट्रो संगठन है, जिसे अपने तीनों शहरों के सभी 48 मेट्रो स्टेशनों के लिए आईजीबीसी प्लेटिनम ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणन मिला है।
हरित तकनीकों से ऊर्जा की बड़ी बचत –
यूपीएमआरसी ने देश के मेट्रो क्षेत्र में कई नई पहल की हैं। CO₂ सेंसर आधारित स्मार्ट HVAC सिस्टम के कारण हर साल लगभग 70 लाख रुपये की ऊर्जा बचत हो रही है और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल रही है।
इसी तरह रीजनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक के जरिए लगभग 45 प्रतिशत ट्रैक्शन ऊर्जा दोबारा उपयोग में लाई जाती है, जिससे हर साल करीब 2.1 करोड़ यूनिट बिजली की बचत होती है।
इसके अलावा यूपीएमआरसी ने 4.122 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए हैं, जो हर साल लगभग 48 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली पैदा करते हैं। इन सभी तकनीकों की मदद से निगम हर वर्ष लगभग 4.4 करोड़ यूनिट बिजली बचा रहा है।
संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान –
यूपीएमआरसी ने जीरो डिस्चार्ज डिपो, उपचारित पानी का ट्रेन धुलाई और बागवानी में उपयोग, वर्षा जल संचयन, 500 से अधिक पेड़ों का वैज्ञानिक तरीके से स्थानांतरण (लगभग 95% सफलता) तथा 1.1 लाख वर्गमीटर से अधिक हरित क्षेत्र विकसित करने जैसे कई पर्यावरण-अनुकूल कदम उठाए हैं।
साथ ही जब्त किए गए तंबाकू और पान मसाला उत्पादों से जैविक खाद बनाई जा रही है तथा सभी स्टेशनों, डिपो और ट्रेनों में 100 प्रतिशत एलईडी लाइटिंग की व्यवस्था की गई है।
उत्तर प्रदेश में पर्यावरण-अनुकूल यात्रा को बढ़ावा —
मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद से यूपीएमआरसी 20 करोड़ से अधिक यात्राएं पूरी करा चुका है। इससे लगभग 8 करोड़ लीटर ईंधन की बचत हुई है और करीब 2 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को रोका गया है। इससे प्रदेश में स्वच्छ हवा, कम ट्रैफिक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिला है।
इस अवसर पर यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा, “यह सम्मान पूरे यूपीएमआरसी परिवार के लिए गर्व की बात है। यह पर्यावरण-अनुकूल, ऊर्जा दक्ष और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली बनाने के हमारे लगातार प्रयासों का परिणाम है। हम आगे भी ऐसी नई तकनीकों को अपनाते रहेंगे, जो यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में योगदान दें।”



