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नालसा दिवस पर लखनऊ विश्वविद्यालय की पहल, दृष्टि सामाजिक संस्थान पहुंचकर बच्चों के साथ बांटा स्नेह –

विधिक सहायता केंद्र की टीम ने किया संस्थान का भ्रमण, बच्चों के बीच वितरित किए बिस्कुट विशेष आवश्यकता वाले एवं निराश्रित बच्चों की जरूरतों को समझा, सामाजिक संवेदनशीलता का दिया संदेश -

 

 

 

लखनऊ :- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) दिवस के उपलक्ष्य में लखनऊ विश्वविद्यालय के विधिक सहायता केंद्र द्वारा सोमवार को दृष्टि सामाजिक संस्थान, जानकीपुरम विस्तार का भ्रमण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा विधिक सहायता की भावना को प्रोत्साहित करना था।

वर्ष 1990 में श्रीमती नीता बहादुर द्वारा स्थापित दृष्टि सामाजिक संस्थान विशेष आवश्यकता वाले, दिव्यांग तथा निराश्रित बच्चों की देखभाल के लिए समर्पित है। संस्थान में वर्तमान में 265 बच्चे निवासरत हैं, जिनमें 90 बालक एवं शेष बालिकाएं शामिल हैं। बच्चों को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, देखभाल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेष रूप से बहु-दिव्यांग बच्चों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाता है।

भ्रमण के दौरान विधिक सहायता केंद्र की टीम ने बच्चों के बीच बिस्कुट वितरित किए और उनके साथ समय बिताकर आत्मीय संवाद स्थापित किया। यह पहल केवल उपहार वितरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों के प्रति अपनत्व और सामाजिक सहभागिता का संदेश भी लेकर आई।

संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि बच्चों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए राशन एवं डायपर जैसी आवश्यक वस्तुओं की निरंतर आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे में समाज के विभिन्न वर्गों से सहयोग संस्थान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उल्लेखनीय है कि दृष्टि सामाजिक संस्थान से संबंधित एक जनहित याचिका अनूप गुप्ता बनाम भारत संघ एवं अन्य इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में दायर की गई थी। इस याचिका में मानसिक रूप से दिव्यांग, परित्यक्त एवं निराश्रित बच्चों के संरक्षण और उनके कल्याण की जिम्मेदारी राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई थी। न्यायालय ने समय-समय पर संस्थान को आवश्यक सहायता, अनुदान और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में निगरानी भी की।

नालसा दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि न्याय और विधिक सहायता केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक संवेदनशीलता और सहयोग पहुंचाना भी इसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

मुख्य बिंदु

  • नालसा दिवस के उपलक्ष्य में दृष्टि सामाजिक संस्थान का भ्रमण।
  • लखनऊ विश्वविद्यालय के विधिक सहायता केंद्र की पहल।
  • 265 विशेष आवश्यकता वाले एवं निराश्रित बच्चों की देखभाल करता है संस्थान।
  • बच्चों के बीच बिस्कुट वितरित कर बांटा स्नेह।
  • सामाजिक उत्तरदायित्व और विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास।
  • बच्चों की आवश्यकताओं के लिए समाज से सहयोग की अपील।

 

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