वाराणसी:- महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग तथा रूस के कोज़मा निझनी नोवगोरद स्टेट पेदगोजिकल विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन सप्ताह के शैक्षणिक कार्यक्रम के दूसरे दिन रूसी भाषा और संस्कृति से विद्यार्थियों को रूबरू कराया गया।
31 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक चलने वाले ‘रूसी भाषा और संस्कृति पर आधारित कोर्स’ के तहत 1 सितंबर को रूस से आईं दो शिक्षिकाओं ने सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक स्मार्ट क्लासरूम और लैंग्वेज लैब में कक्षाएं संचालित कीं। कार्यक्रम में करीब 200 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

कक्षाओं के दौरान डिप्लोमा और एडवांस डिप्लोमा इन रशियन के विद्यार्थियों को रूसी संस्कृति, खान-पान और रूस के प्रमुख शहरों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को चित्रों के माध्यम से रूस के छोटे शहर क्रेमल की खूबसूरती से परिचित कराया गया। शिक्षिकाओं ने वहां के मंदिरों, प्रसिद्ध पुलों, प्राकृतिक सुंदरता और मनोरंजन से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी साझा की।
शिक्षिकाओं ने रूस की दो प्रमुख नदियों वोल्गा और ओका से जुड़ी एक रोचक जानकारी भी विद्यार्थियों को दी। इसके साथ ही रूसी खान-पान और वहां की सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में भी चर्चा की गई।
कक्षाओं को संवादात्मक बनाने के लिए विद्यार्थियों से रूसी भाषा की किताबें पढ़वाई गईं और प्रश्न-उत्तर कराए गए। सुश्री दरिया ने भी विद्यार्थियों के साथ सक्रिय सहभागिता की। उन्होंने सर्टिफिकेट तथा अन्य विषयों के छात्र-छात्राओं को रूसी वर्णमाला और रूसी भाषा में अभिवादन करने के तरीके सिखाए।
शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत कक्षाएं दो पालियों में संचालित हुईं। पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे और दूसरी पाली 12 से 2 बजे तक चली। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रूसी भाषा के साथ-साथ रूस की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना है।



