इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब आदेश पर भड़के ओवैसी, बोले- धार्मिक प्रथाओं में दखल, इस्लाम पर सीधा हमला –

दिल्ली :- हैदराबाद में AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब से जुड़े आदेश पर असहमति जताते हुए इसे मुसलमानों की धार्मिक प्रथाओं में दखल बताया है। 1501वीं ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर दारुस्सलाम में आयोजित ‘जलसा-ए-रहमतुल-लिल-आलमीन’ को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि वह हाईकोर्ट के आदेश से सहमत नहीं हैं और उनकी नजर में यह इस्लाम पर सीधा हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
ओवैसी ने अपने संबोधन में RSS और BJP पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ से जुड़े लोगों ने ऐतिहासिक रूप से संविधान के बजाय मनुस्मृति को प्राथमिकता दी। ओवैसी ने संविधान अपनाए जाने और उसके बाद RSS के मुखपत्र में प्रकाशित कथित टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें डॉ. बीआर आंबेडकर द्वारा तैयार संविधान से आपत्ति थी।
AIMIM प्रमुख ने हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर पर भी टिप्पणी की और अंडमान की सेलुलर जेल में उनके समय का उल्लेख करते हुए मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानी अल्लामा फजल-ए-हक खैराबादी से तुलना की। ओवैसी ने दावा किया कि अंडमान भेजे गए शुरुआती कैदियों में हैदराबाद के मौलवी अलाउद्दीन शामिल थे और उन्हें सेलुलर जेल का पहला कैदी बताया।
ओवैसी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मनुस्मृति को लेकर की गई टिप्पणियों का भी जिक्र किया। दक्षिणी राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम ‘विसंगतियों’ की सूची में आए हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने पर लोग परेशान न हों और पार्टी कार्यकर्ता उनके साथ खड़े रहेंगे।
हैदराबाद में ‘एंटी-मर्डर स्क्वाड’ की मांग –
ओवैसी ने तेलंगाना, खासकर हैदराबाद में बढ़ती नशीली दवाओं की लत को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को मदद मांगने में संकोच नहीं करना चाहिए।
हैदराबाद में हत्या की घटनाओं पर चिंता जताते हुए AIMIM प्रमुख ने तेलंगाना सरकार से शहर में हत्याओं की रोकथाम और जांच के लिए एक समर्पित ‘एंटी-मर्डर स्क्वाड’ गठित करने की मांग की। उन्होंने हत्या के मामलों की सुनवाई एक वर्ष के भीतर पूरी कराने के लिए विशेष अदालतों के गठन की दिशा में कदम उठाने की भी मांग की। ओवैसी ने कहा कि इस संबंध में वह तेलंगाना सरकार को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं।
इस दौरान ओवैसी ने धार्मिक स्वतंत्रता, संविधान, कानून-व्यवस्था, SIR और युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।



