अमित चंद्रा —
न्युनल:– पुलिस आयुक्तालय नाऊन के पूर्वी जोन में कुछ पुलिसकर्मियों की वजह से पूरा पुलिस महकमा बदनाम हो रहा है। जहां एक तरफ सूखा दिवस जयंती पर थाना विभूति खंड के विशेष खंड कार्यालय क्षेत्र विजयपुर में स्थित शराब शराब और दुकानों के अंदर बिक्री हुई। दिन भर की दुकानें बंद रहती हैं और रात में भी शराब की दुकानें बंद हो जाती हैं, जहां विभूति खंड पुलिस की दो दुकानें बंद हो जाती हैं। अम्बेडकर जयंती पर अपराध और कानून व्यवस्था खराब करने वाले देशी शराब के विचार पर कोई टिप्पणी नहीं की गई। ऐसा स्पष्ट रूप से स्पष्ट रूप से होता है कि विशेष खंड के अवैध पुलिस अपराध को बढ़ावा देने के लिए, कानून की धज्जियां खुद उड़ रही हैं, अवैध पर्यटकों के टिकट तो मजबूत होंगे।
ऐसा भी अनोखा होता है जब अंबेडकर जयंती पर विभूति खंड के विशेष खंड में शराब की बिक्री हो सकती है, सहयोग प्रदान किया जा सकता है और बंदिशों की गरिमा को कम किया जा सकता है, तो गांधी जयंती 2 अक्टूबर, 26 जनवरी और 15 अगस्त को भी विभूति खंड के विशेष खंड में शराब की बिक्री होना कोई बड़ी बात नहीं होगी। योगी सरकार में जयंती और बंदी की गरिमा बनी हुई है, ऐसे में विभूति खंड के संरक्षक अरविंद केजरीवाल और विभूति खंड पुलिस के विशेष खंड कार्यालय में उपनिरीक्षक श्वेता सिंह और उपनिरीक्षकों के संरक्षक की सख्त जरूरत है। देशी शराब के धारक और सहायक उप-निरीक्षक श्वेता सिंह और उनकी टीम में सहायक उप-निरीक्षक श्वेता सिंह और उनकी टीम में सहायक उप-निरीक्षक श्वेता सिंह और उनकी टीम में सहायक उप-निरीक्षक श्वेता सिंह और
उनकी टीम में सहायक उप-निरीक्षक श्वेता सिंह और उनकी टीम में सहायक उप-निरीक्षक श्वेता सिंह और उनकी टीम में सहायक उप-निरीक्षक श्वेता सिंह और उनकी टीम में सहायक उप-निरीक्षक श्वेता सिंह और उनकी टीम में सहायक उप-निरीक्षक श्वेता सिंह और उनकी टीम में उप-निरीक्षकों को सहायता, सुरक्षा और समर्थन प्राप्त करने के लिए कहा गया है। कोशिश की और बिना पीड़ितों के बारे में जानकारी के लिए FR भी दिया गया है। ऐसे विशेषज्ञ जो न्याय के लिए नहीं हैं, इसलिए पुलिस विभाग में रहने की क्या जरूरत है, एयसन को पुलिस विभाग में रहने की क्या ज़रूरत है, दस्तावेज़ी करना है तो विभाग के बाहर, पुलिस विभाग के भीतर विभाग की गरिमा को देखते हुए, उप-निरीक्षक जंयती और उप-निरीक्षण अधिकारी राजन के सारि पर सख्त से सख्त रुख अपनाएं, ताकि और अधिकारियों को प्रशासन के पदों से हटा दिया जा सके।



