बांदा

खनन माफियाओं की दबंगई

पीड़ित ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

 

 

बांदा में एक पीड़ित ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत पत्र देकर न्याय की मांग की है। पीड़ित छोटा सिंह का आरोप है कि खनन माफियाओं ने उनकी निजी भूमि पर अवैध रास्ता बनाया है और उनकी फसल को नष्ट कर दिया

बांदा पीड़ित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी को लिखित शिकायत पत्र देकर न्याय की मांग की है।

निजी भूमि पर खनन

माफियाओं द्वारा अवैध रास्ता बनाया गया, पीड़ित छोटा पुत्र फकीरे सिंह निवासी अलोना, जिला-बांदा का निवासी है। पीड़ित की निजी भूमि ग्राम- सांड़ी में जिसका गाटा

संख्या-1131, 1141 पंकज चतुर्वेदी निवासी खप्टिहाकलां द्वारा सांड़ी खण्ड संख्या-1 में

रास्ता हेतु 90,000/- रूपये में तय की गयी परन्तु खदान संचालक व पंकज चतुर्वेदी

द्वारा 5000-5000 रूपये दो किस्तों में दिया गया। शेष रकम 80,000/- रूपये मांगने

गया। खदान संचालक व पंकज चतुर्वेदी व मयंक मिश्रा द्वारा मुझे गाली गलौज व

मुकदमों में फंसाने की धमकी देने लगे।

उक्त के अलावा रास्ते हेतु 10 मी0 चौड़ाई

रास्ते की बात की गयी थी, रास्ते में मिट्टी के अलावा अन्य कोई सामग्री नहीं डाली

जायेगी। जब मैं मौके में अपने खेत को देखने गया, तो खदान संचालक व पंकज

चतुर्वेदी तथा मयंक मिश्रा द्वारा मेरे बिना अनुमति के मेरी खड़ी फसल को नष्ट कर दिया

व रास्ते में नदी से निकला बजरा आदि पूरे खेत में डाल दिया गया, जिस कारण मेरा

खेत भविष्य में कोई उपज नहीं दे सकता। जबकि समझौते के तहत केवल मिट्टी डालना

तय हुआ था।

इसके अलावा सांड़ी खदान खण्ड नं0-1 के ऊपर मेरा दूसरा रकबा नम्बर

1142 व 166 खादर में जबरजस्ती अवैध रास्ता बनाकर खदान का संचालन करने लगे।

उक्त नम्बर पर मेरी खड़ी सफल को भी मशीनों द्वारा बर्बाद कर दी गयी। जबकि गाटा

सं0-1142 व 166 में किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया गया है।

(2)गाटा संख्या-1131 व 1141 का अवशेष रूपये

दिलाने का कष्ट करें व मुझे दिये गये 10,000/- रूपये मैं वापस करने को तैयार हूँ, मेरी भूमि पर जो बजरा व रास्ता बनाया गया है, तत्काल हटवाया जाये व गाटा

संख्या-1142 व 166 में अवैध रास्ता के निर्माण के सम्बन्ध में उक्त लोगों से बात की तो

सभी लोग एक राय होकर कहने लगे कि हमारी पकड़ ऊपर तक है। अब तुम्हें कोई पैसा नहीं मिलेगा और ज्यादा नेतागिरी करोगे तो तुम्हें फर्जी मुकदमें में फंसा देगें व गाली

गालौज व जान से मार देने की धमकी देने लगे।

मांग है कि उक्त प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए कानूनी कार्रवाई करें ।

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