दिल्ली

होर्मुज में 48 घंटे में दो तेल टैंकरों पर हमला, 29 भारतीय नाविक सुरक्षित; समुद्री सुरक्षा पर बढ़ा संकट –

एक दिन पहले भी भारतीय चालक दल वाले तेल टैंकर को बनाया गया था निशाना, लगातार हमलों से समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता –

दिल्ली:- दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों पर हमलों की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर MT LOUISE 1 पर विस्फोटक लगाकर हमला किया गया। जहाज पर 27 भारतीय नागरिक सवार थे। धमाके के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, हालांकि चालक दल ने आग पर काबू पा लिया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि एक छोटी नाव से टैंकर के बाहरी हिस्से पर दो लिम्पेट माइंस लगाई गई थीं। विस्फोट के बाद जहाज कुछ समय के लिए परिचालन में असमर्थ हो गया। हालांकि आग बुझाए जाने के बाद टैंकर ने अपनी यात्रा दोबारा शुरू कर दी। समुद्र में तेल रिसाव या पर्यावरणीय नुकसान की भी सूचना नहीं मिली है।

ओमान के खासाब से 46 किलोमीटर दूर हुई घटना

ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, घटना ओमान के खासाब शहर से लगभग 25 समुद्री मील यानी 46 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुई।

रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी-ईरानी संघर्ष फरवरी 2026 में शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में लिम्पेट माइंस के जरिए किसी जहाज को सफलतापूर्वक निशाना बनाए जाने की यह पहली ज्ञात घटना है। सितंबर में भी ऐसी कोशिश की खबर सामने आई थी, लेकिन तब विस्फोटक नहीं फटे थे।

हालांकि, हमला किसने किया, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

एक दिन पहले भी भारतीय नागरिकों वाले टैंकर पर हमला

इस घटना से एक दिन पहले, 29 अक्टूबर को लाइबेरिया के झंडे वाले विशाल तेल टैंकर MT ARZANAH पर भी हमला हुआ था। जहाज पर दो भारतीय नागरिक मौजूद थे।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 30 अक्टूबर को दोनों घटनाओं की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों जहाजों पर मौजूद कुल 29 भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रही है और जहाज प्रबंधन कंपनियों के संपर्क में है, ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। Akashvani News+1

क्या हैं लिम्पेट माइंस और क्यों बढ़ा खतरा?

लिम्पेट माइंस विशेष प्रकार के समुद्री विस्फोटक होते हैं, जिन्हें जहाज के बाहरी ढांचे से चिपकाया जा सकता है। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, छोटी नावों के जरिए इनका इस्तेमाल व्यापारिक जहाजों के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।

ग्रीस की समुद्री जोखिम प्रबंधन कंपनी मेरिस्क्स (Marisks) ने चेतावनी दी है कि कम लागत वाले ऐसे विस्फोटकों का इस्तेमाल व्यस्त समुद्री मार्गों में जहाजों की सुरक्षा को चुनौती दे सकता है।

होर्मुज में तनाव से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी चिंता

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। खाड़ी देशों से निकलने वाले तेल और गैस की आपूर्ति के लिए इसका विशेष महत्व है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। लगातार हमलों से समुद्री परिवहन की लागत, बीमा प्रीमियम और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ने की आशंका है।

भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। हालांकि इन दो हमलों के कारण भारत में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कीमतों में किसी निश्चित बढ़ोतरी की पुष्टि नहीं हुई है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती –

लगातार दो दिनों में भारतीय नागरिकों वाले जहाजों को निशाना बनाए जाने से समुद्री सुरक्षा व्यवस्था पर नए सवाल खड़े हुए हैं। राहत की बात यह है कि दोनों घटनाओं में सभी 29 भारतीय सुरक्षित हैं। लेकिन होर्मुज में बढ़ते हमलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर तैनात नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।

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