“राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का खुलासा — SIT ने पदाधिकारियों को घेरा” –
"25-30 लोग संलिप्त, FIR की सिफारिश; SIT रिपोर्ट से हड़कंप" -

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी प्रकरण पर एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट ने शासन को हिला दिया है। रिपोर्ट में न सिर्फ चोरी बल्कि कमीशनखोरी और नियुक्तियों में हेरफेर के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों से लेकर उनके रिश्तेदारों और कर्मचारियों तक की भूमिका पर सवाल उठे हैं।
- सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़, गवाहों के बयान और साक्ष्य चोरी की पुष्टि करते हैं।
- करीब 25-30 लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिन पर एफआईआर की सिफारिश की गई है।
- ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, पदाधिकारी अनिल मिश्रा और निर्माण सहायक गोपाल राव प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं।
कमीशनखोरी का खेल –
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पदाधिकारियों के रिश्तेदार और करीबी भी इस खेल में शामिल रहे। अनिल मिश्रा पर 40% कमीशन लेने का आरोप दर्ज है। इंजीनियर के बयान ने इसे पुष्ट किया है। गोपाल राव पर पत्थरों की खरीद में हेरफेर का आरोप है।
बैंक और पुलिस भी सवालों के घेरे में –
गणना प्रक्रिया में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है। संविदाकर्मियों के हवाले गणना व्यवस्था छोड़ना और ट्रस्ट की सिफारिशों पर भर्ती करना सबसे बड़ी खामी बताई गई है। सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी से रकम मंदिर परिसर से बाहर जाती रही और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
पुनर्गठन की सिफारिश –
एसआईटी ने ट्रस्ट के पुनर्गठन और नई भर्ती प्रक्रिया की सिफारिश की है। चोरी और कमीशनखोरी के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर विस्तृत जांच और एफआईआर दर्ज करने की बात कही गई है। दो सप्ताह बाद एसआईटी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।


