✍️आशीष मिश्र
वाराणसी:- महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अंग्रेजी और अन्य विदेशी भाषा विभाग द्वारा रूस की कोजमा मिनिन निज़्नी नौवगेरोद स्टेट पेडागोजीकल यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित दो सप्ताह (3 नवंबर से 13 नवंबर तक) के विशेष ‘Russian Character in the Mirror of the Language’ लैंग्वेज और कल्चर कोर्स का सफलतापूर्वक समापन हो गया है।

यह कोर्स विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी के मार्गदर्शन और अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का परिणाम था।
दो सप्ताह तक चले इस गहन कार्यक्रम में छात्रों को रूसी भाषा के व्याकरणिक मूलभूत सिद्धांतों के साथ-साथ रूस की समृद्ध संस्कृति, इतिहास, साहित्य, कला और सामाजिक जीवन की व्यापक जानकारी मिली। रूस की प्रसिद्ध भाषाविद सुश्री नाडेजहादा इगोरवना ने छात्रों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया, जिससे प्रतिभागियों को रूसी सभ्यता को गहराई से समझने का अमूल्य अवसर प्राप्त हुआ।

कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी ने कोर्स के समापन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह संयुक्त पहल भारत और रूस के बीच मैत्रीपूर्ण और शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। हमें आशा है कि यह कोर्स हमारे छात्रों को वैश्विक नागरिक बनने और विभिन्न संस्कृतियों के प्रति सम्मान विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।”
समापन समारोह में कोर्स के प्रतिभागियों ने रूसी भाषा में गीत गाकर कुलपति का स्वागत किया, जिसने पूरे वातावरण को उत्साह और सांस्कृतिक मेल-मिलाप से भर दिया। कोर्स के सफल समापन पर, सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम की संजोयिका डॉ. नीरज धनकड ने बताया कि छात्रों ने रूसी भाषा और संस्कृति के प्रति गहरी रुचि दिखाई, जो इस बात का संकेत है कि वैश्वीकरण के दौर में विदेशी भाषाओं को सीखने का महत्व बढ़ रहा है। उन्होंने सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
समापन समारोह में संकायाध्यक्ष प्रोफेसर अनुराग कुमार, अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. निशा सिंह, डॉ. विजय रंजन, सहित बड़ी संख्या में कोर्स के प्रतिभागी छात्र और संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. किरन सिंह द्वारा किया गया।
यह सफल आयोजन अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। विश्वविद्यालय ने इस प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रमों को भविष्य में भी जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।



