अयोध्या
Trending

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला: हटाएं गए गणनाकर्मी, ट्रस्ट से जुड़े लोगों को अयोध्या न छोड़ने का निर्देश – 

 

 

अयोध्या:- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में गणना में लगे करीब 40 कर्मचारियों को आखिरकार हटा दिया गया है। अब बैंक की ओर से नए गणनाकर्मियों को लगाया गया है। निगरानी भी बढ़ा दी गई है। एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट और मंदिर के अधिकारियों को अयोध्या नहीं छोड़ने का निर्देश भी दिया है। वहीं, छह दिन की जांच के बाद लखनऊ लौटी एसआईटी सोमवार को डेढ़ सौ से अधिक पन्नों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। इसके बाद मामले में कार्रवाई शुरू होगी।

 

इससे पहले कयास लगाए जाते रहे कि रविवार को ही रिपोर्ट सीएम को सौंप दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। एसआईटी के मुख्य सदस्यों के लौटने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए कुछ अधिकारियों के अयोध्या में ही तफ्तीश में जुटे रहने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी जल्द फिर अयोध्या जा सकती है। विस्तृत जांच के लिए उसे दो से तीन सप्ताह का और वक्त दिया जा सकता है।

एसआईटी की जांच में पता चला था कि चढ़ावे की गणना में करीब 40 लोगों की टीम शामिल रहती है। इसमें ट्रस्ट और बैंक, दोनों के कर्मचारी होते हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारी भी पूरी प्रक्रिया में मौजूद रहते हैं। गणनाकर्मियों की भूमिका सामने आने के बाद इस काम में लगे सभी कर्मियों को हटा दिया गया है। नए सिरे से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अब ट्रस्ट के पदाधिकारी अपनी मौजूदगी में दान राशि की गणना करवा रहे हैं। बैंक अधिकारियों की भी मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। 

 

एसआईटी सूत्रों के अनुसार जिन लोगों को अयोध्या न छोड़ने के लिए कहा गया है उनमें मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव, राव के भतीजे और व्हीलचेयर सेवा के प्रभारी सोमेश आनंद, चंपत राय का करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य अनिल मिश्र व कुछ अन्य शामिल हैं|

सूत्रों ने बताया कि जांच रिपोर्ट का डिजिटल डाटा सात पेन ड्राइव में सुरक्षित किया गया है। रिपोर्ट में करीब 150 लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। चढ़ावा चोरी में शामिल लोगों पर एफआईआर की संस्तुति एसआईटी ने की है। रिपोर्ट में निगरानी व्यवस्था ध्वस्त होने का प्रमुखता से जिक्र किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

You cannot copy content of this page