
✍️नवीन तिवारी
वाराणसी : शहर की बुनियादी जनसमस्याओं के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण के लिए नगर निगम ने एक बेहद महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। अब शहर के नागरिकों को गंदगी, सीवर ओवरफ्लो या बंद स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि महज चार घंटे के भीतर उनकी शिकायतों का समाधान धरातल पर सुनिश्चित किया जाएगा।
यह जानकारी सोमवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने दी। उन्होंने बताया कि गत 27 जून हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक के निर्णय के अनुपालन में 21 जुलाई से त्वरित-समाधान स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट की आधिकारिक शुरुआत की जा रही है। प्रथम चरण के अंतर्गत गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में स्थित कुल 25 वार्डों को शामिल किया गया है, जहां की बुनियादी जन-समस्याओं को अधिकतम चार घंटे के भीतर दूर करने की समयसीमा तय की गई है। इन क्षेत्रों के नागरिक अपनी शिकायतें सीधे वाट्सएप चैटबॉट नंबर 8601872601 पर दर्ज करा सकते हैं।



महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि पूरी व्यवस्था को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त और पारदर्शी बनाया गया है। निगम के छह विभागों से संबंधित 14 प्रमुख समस्याओं के त्वरित सभाधान के लिए नागरिक वाट्सएप चैटबॉट नंबर 8601872601 पर हाय (Hi) लिखकर शिकायत दर्ज कर का विकल्प चुनना होगा । इसके बाद चैटबॉट के निर्देशानुसार शिकायत का प्रकार, वार्ड नंबर और घटना स्थल की लाइव जीपीएस लोकेशन एवं फोटो अपलोड करनी होगी । शिकायत दर्ज कराते ही स्वचालित रूटिंग सिस्टम मास्टर डेटाबेस से मिलान कर संबंधित क्षेत्र के ज़िम्मेदार अधिकारी के मोबाइल एप पर तुरंत नोटिफिकेशन और फोटो भेज देगा। वहीं नागरिक को वाट्सएप पर टिकट आईडी का एक मैसेज मिल जाएगा। आवंटित अधिकारी मौके पर जाकर समस्या को ठीक करेगा और अपने विभागीय मोबाइल एप से समाधान की फोटो खींचेगा। यह एप फोटो के साथ मौजूदा जीपीएस कोऑर्डिनेट्स (अक्षांश/देशांतर) और समय को ऑटो-लॉक कर देगा। बैकएंड सिस्टम द्वारा फोटो की पुष्टि होते ही शिकायत का स्टेटस पेंडिंग से बदलकर क्लोज हो जाएगा और नागरिक को वाट्सएप पर समाधान का संदेश प्राप्त हो जाएगा।
चार घंटे की समयसीमा में शामिल विभाग एवं प्रमुख समस्याएं –
इस त्वरित समाधान सेवा के दायरे में नगर निगम के छ्ह प्रमुख विभागों की कुल 14 बुनियादी समस्याओं को कवर्ड किया गया है ।
स्वास्थ्य विभाग (5 समस्याएं):- सफाई कार्य, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, खाली प्लॉट की सफाई, गली पिट/नाली की सफाई, यूरिनल/ट्वायलेट की सफाई।
जलकल विभाग (3 समस्याएं):- सीवर ओवरफ्लो, लीकेज मरम्मत (100 एमएम की लाइन तक), गन्दे पानी को गली में बहाना।
सामान्य अभियन्त्रण विभाग (2 समस्याएं):- जलभराव की समस्या, नाला बैरिकेडिंग करना।
आलोक विभाग (2 समस्याएं):- स्ट्रीट लाइटों के खम्भों में बिजली उतरना, स्ट्रीट लाइट को समय से जलाना/बन्द करना।
उद्यान विभाग (1 समस्या):- उद्यान के कचरे को उठाना।
पशु विभाग (1 समस्या): सार्वजनिक स्थलों पर मृत पशु का निस्तारण।
प्रथम चरण में शामिल 25 वार्डों की सूची: –
आदमपुर ज़ोन के छ्ह वार्ड शामिल है –
राजघाटट (वार्ड 15), कोनिया (वार्ड 68), घसियारीटोला (वार्ड 72), ओमकालेश्वर (वार्ड 80), प्रह्लादघाट (वार्ड 55), हनुमान फाटक (वार्ड 67)।
भेलूपुर ज़ोन के चार 4 वार्ड –
शिवाला (वार्ड 75), बागहाड़ा (वार्ड 74), मदनपुरा (वार्ड 78) एवं नगवां (वार्ड 22)।
दशाश्वमेध ज़ोन के 10 वार्ड :-
सिगरा (वार्ड 53), दशाश्वमेध (वार्ड 96), बंगालीटोला (वार्ड 91), जंगमबाड़ी (वार्ड 89), सूर्यकुण्ड (वार्ड 82), रामापुरा (वार्ड 90), आदिविशेश्वर (वार्ड 69), मध्यमेश्वर (वार्ड 66), गोलादीनानाथ (वार्ड 84), पियरीकलां (वार्ड 83)।
कोतवाली ज़ोन के 5 वार्ड : –
कालभैरव (वार्ड 97), बिन्दुमाधव (वार्ड 79), कृतिवाशेश्वर (वार्ड 81), ईश्वरगंगी (वार्ड 73), बलुआबीर (वार्ड 88)।
कमांड सेंटर से होगी कड़ी निगरानी –
शिकायतों की लाइव मॉनिटरिंग और दैनिक समीक्षा के लिए एक विशेष कमाण्ड एवं कन्ट्रोल सेन्टर स्थापित किया गया है। इसमें 1 आई.टी. एक्सपर्ट, 1 डाटा एनालिस्ट एवं 7 ऑपरेटरों की तैनाती शिफ्टवार सुबह 06.00 बजे से रात्रि 09.00 बजे तक की गई है। किसी भी अन्य प्रकार की सहायता के लिए नागरिक नगर निगम डेस्क नंबर 0542-2720005 पर संपर्क कर सकते हैं।



