
लखनऊ:- उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ एवं उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन्स का संयुक्त प्रांतीय सम्मेलन एवं महाधिवेशन लोक निर्माण विभाग परिसर स्थित विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ। सम्मेलन में कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ महासंघ की नई कार्यकारिणी का निर्विरोध चुनाव कराया गया।
सम्मेलन में कमल अग्रवाल को प्रांतीय अध्यक्ष और अशोक कुमार सिंह को प्रांतीय महामंत्री चुना गया। चुनाव अधिकारी एवं महासंघ के संरक्षक/निर्वाचन संयोजक एसपी सिंह की देखरेख में चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई।
मुख्य अतिथि अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शशिकांत राय ने कर्मचारियों से अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने रिक्त पदों को नियमित भर्ती से भरने, पुरानी पेंशन बहाल करने और कर्मचारी हितों की मांगों को मजबूती से सरकार के सामने रखने की बात कही।
सम्मेलन में कर्मचारियों की ओर से 21 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें NPS/UPS समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाल करने, कोरोना काल में रोकी गई सुविधाओं और 18 माह के महंगाई भत्ते का भुगतान, नियमित नियुक्तियां, आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारियों के विनियमितीकरण, सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक, कर्मचारियों के स्थानांतरण में पारदर्शिता तथा चारों लेबर कोड वापस लेने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
महासंघ ने हर पांच वर्ष में वेतन संशोधन, कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, पेंशन में वृद्धि और विभिन्न विभागों में लंबित पदोन्नति एवं पुनर्गठन की प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने की भी मांग उठाई।
सम्मेलन में कर्मचारियों से ‘रीच टू ईच’ अभियान के तहत मंडल, जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर तक संपर्क बढ़ाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारी संगठनों की मांगों और अधिकारों को लेकर आंदोलन को जमीनी स्तर तक मजबूत किया जाएगा।
निर्विरोध निर्वाचित कार्यकारिणी में कमल अग्रवाल प्रांतीय अध्यक्ष, रेखा तोमर प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष, सत्य नारायण त्रिपाठी प्रांतीय सह कार्यकारी अध्यक्ष, हेमंत कुमार गुर्जर वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा अशोक कुमार सिंह प्रांतीय महामंत्री चुने गए। इसके अलावा विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों एवं मंडलीय तथा जिला प्रतिनिधियों का भी निर्वाचन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसपी सिंह ने की, जबकि संचालन जेपी पांडेय ने किया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से कर्मचारी, शिक्षक, श्रमिक प्रतिनिधि और वरिष्ठ कर्मचारी नेता शामिल हुए।
महासंघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार के साथ संवाद जारी रखने के साथ जरूरत पड़ने पर व्यापक स्तर पर आंदोलन भी किया जाएगा।



