
सेल के गठन में अपर पुलिस अधीक्षक भी शामिल
42 ग्राम पंचायत चिन्हित लगेगा जुर्माना
बांदा फसल अवशेष प्रबन्धन यथा-पराली पुआल पैरा कूड़ा करकट इत्यादि फसल अपशिष्ट जलाये जाने से उत्पन्न हो रहे धूऐ द्वारा वातावरण में पहले से विद्यमान विभिन्न गैसों के साथ कोलाइड बनाने से वायु अत्यन्त ही प्रदूषित व जहरीली हो जाती है एवं मृदा में उपलब्ध लाभकारी जीवाणुओं की संख्या में कमी आती है एवं पराली जलने से गैसों यथा कार्बन डाईआक्साइड एवं कार्बनमोनो आक्साइड की मात्रा वातारण में बढ़ जाने से मानव स्वास्थ्य में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. जिससे श्वांस से सम्बन्धित बीमारियाॅ बढ़ती हैं। शासन द्वारा पराली जलने की घटनाओं को रोकने हेतु सख्त कदम उठाये गये हैं। जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेल का गठन किया गया जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक भी सम्मिलित है तथा शासनादेश संख्या 581/35-1-2018-05 दिनांक 08 अगस्त, 2018 के कम में प्रत्येक विकासखण्ड तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी के साथ पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा विकासखण्ड स्तर पर खण्ड विकास अधिकारी तथा सम्बन्धित थाना अध्यक्ष को सचल दस्ते में नामित किया है। सचल दस्ते फसल कटाई के दौरान से रबी फसल की बुवाई के पूर्व तक कियाशील रहेंगे। उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस के द्वारा अपने क्षेत्रों में सुनिश्चित किया जायेगा कि फसल कटाई के दौरान प्रयोग की जानी वाली कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ एसएमएस अथवा स्ट्रारीपर, स्ट्रारेक एवं बेलर अथया अन्य कोई फसल अवशेष प्रबन्धन के यंत्रों का उपयोग किया जाना अनिवार्य है। यदि कम्बाइन हार्वेस्टर में एस०एम०एस० अथवा फसल अवशेष प्रन्धन के यंत्र के बगैर चलाते पायी जायेगी तो उसको तत्काल सीज करते हुये कम्बाइन मालिक के स्वंय के खर्च पर एसएमएस लगवाकर छोड़ा जायेगा तथा ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान, सचिव, लेखपाल, कृषि विभाग के कर्मचारी फसल अवशेष को जलने से रोकने की कार्यवाही करेंगे। माह अक्टूबर 2025 से माह नवम्बर 2025 तक सेटेलाइट के माध्यम से 24 घण्टे निगरानी की जा रही है। पराली जलने की घटनायें घटित होने पर पराली जलाने वाले के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करते हुये राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जाँच कराकर जुर्माना अधिरोपित कर आख्या शासन को प्रेषित की जाती है। 2 एकड़ से कम क्षेत्र में घटना घटित होने पर रू0 2500 एवं 2 एकड़ से 5 एकड़ के लिये रू० 5 हजार एवं 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में रू० 15 हजार तक का जुर्माना पर्यावरण कम्पनसेशन के रूप में वसूली की जायेगी। गतवर्ष जनपद में फसल अवशेष कृषि अपशिष्ट जलाये जाने वाले 42 ग्राम पंचायतों को चिन्हित किया गया है, जो निम्न प्रकार हैः-
क्र0 विकासखण्ड चिन्हित ग्राम पंचायतें
1 बडोखर खुर्द फतपुरवा, दोहा, जारी, जौरही, बढेहा, कुरौली, सुरौली, छनेहरालालपुर, करबई
2 महुवा जखनी, हस्तम, खुरहण्ड, बिलगाॅव, छिवांव, खम्हौरा
3 बिसण्डा कोर्रही, बछौन्धा, तेन्दुरा, फुफुन्दी, ओरण ग्रामीण
4 बबेरू अरमार, बाकल, भभुवा, पिण्डारन, गुजेनी, करहुली, मवई, समगरा, मझिला, पाराबन्नुबेगम
5 कमासिन जमरेही, खरौली, सांडासानी, दतौरा, पाली, अण्डौली, कमासिन, बेर्राव, भांटी, सुनहुला, कुमेढासानी, किटहाई
6 तिन्दवारी खप्टिहाकला, पलरा, पिपरगवा, मुॅगुस,



