
लखनऊ:- होटल डैमसन प्लम में कॉस्ट अकाउंटेंट्स के लखनऊ चैप्टर द्वारा “जीएसटी वाद-विवाद और जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स को जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) की कार्यप्रणाली तथा जीएसटीएटी पोर्टल पर अपील दाखिल करने की प्रक्रिया से अवगत कराना था।
सेमिनार का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर जीएसटीएटी लखनऊ पीठ के न्यायिक सदस्य संतोष के. श्रीवास्तव एवं नरेंद्र कुमार तथा तकनीकी सदस्य (एसजीएसटी) अरविंद कुमार सहित सीएमए डॉ. आशीष पी. ठट्टे, सीएमए नरेंद्र कुमार और अन्य विशिष्टजन मौजूद रहे।
यह कार्यक्रम एक आउटरीच प्रोग्राम था जिसका उद्देश्य लोगों और टैक्स कंसल्टेंट्स को बेंच की कार्यप्रणाली और जीएसटीएटी पोर्टल पर अपील दाखिल करने की प्रक्रिया से अवगत कराना था।
भारत में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरणों के गठन के बाद, जिनका प्रधान पीठ नई दिल्ली में है, जीएसटी के अंतर्गत वाद-विवाद की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ेगी।
सीएमए नरेंद्र कुमार, चेयरमैन लखनऊ चैप्टर ने देशभर से आए अतिथियों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इस सेमिनार में 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के संयोजक सीएमए रंजीत सिंह ने सेमिनार के उद्देश्य और थीम को प्रस्तुत किया।
संतोष.के. श्रीवास्तव (न्यायिक सदस्य) ने बताया कि, जीएसटीएटी पोर्टल पर कुछ प्रारंभिक समस्याएँ हैं, लेकिन इन्हें शीघ्र ही हल कर लिया जाएगा। जिन आकलनकर्ताओं ने समय सीमा में अपील दाखिल नहीं की है, उनके मामलों को प्राकृतिक न्याय के हित में संबोधित किया जाएगा। श्री नरेंद्र कुमार (न्यायिक सदस्य) ने टैक्स प्रोफेशनल्स को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया ताकि बेंच की कार्यप्रणाली सरल और प्रभावी बन सके। उन्होंने टैक्स कंसल्टेंट्स से आग्रह किया कि वे अपने सुझाव और समर्थन दें ताकि समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।
अरविंद कुमार (तकनीकी सदस्य, एसजीएसटी) ने अपील दाखिल करने और पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता सीएमए अनिल शर्मा (चंडीगढ़) ने करदाताओं द्वारा प्रथम अपील 3+1 माह में दाखिल न करने की समस्या उठाई और पूछा कि यदि कोई करदाता 31.07.2026 तक अपील दाखिल नहीं कर पाया तो उसके लिए क्या उपाय उपलब्ध है। बेंच सदस्यों ने विस्तार से उत्तर दिया और कहा कि, ऐसे मुद्दे उद्योग और व्यापार के हित में विचाराधीन हैं। सीएमए बी. एम. गुप्ता (हैदराबाद) ने अपील दाखिल करने और दस्तावेज़ अपलोड करने में करदाताओं को आने वाली समस्याओं पर चर्चा की और पोर्टल पर अपील दाखिल करते समय क्या करें और क्या न करें, इस पर मार्गदर्शन दिया।
सीएमए आशीष पी. ठट्टे, चेयरमैन-इनडायरेक्ट टैक्स कमेटी, आईसीएमएआई ने जीएसटी और उसके वाद-विवाद में सीएमए प्रोफेशनल्स की भूमिका पर प्रकाश डाला, विशेषकर वस्तुओं और सेवाओं के मूल्यांकन के मामलों में उन्होंने बताया कि ,उद्योग और व्यापार में सीएमए की विशेषज्ञता बेंच को आदेश पारित करने में सहायक हो सकती है।
सेमिनार में सीएमए अभिषेक (सचिव), सीएमए नैन्सी गुप्ता (कोषाध्यक्ष), सीएमए अमित यादव, सीएमए जूही उपाध्याय और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे जिन्होंने कार्यक्रम का संचालन किया। आईसीएमएआई के केंद्रीय परिषद सदस्य सीएमए नवीन जैन और सीएमए राजेंद्र एस. भाटी ने इस आउटरीच कार्यक्रम की सराहना की।



