
लखनऊ :- लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जे० पी० सैनी जी के नेतृत्व में आज दिनांक 08 अगस्त 2026 को फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को क्लिनिकल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान हेतु लखनऊ विश्वविद्यालय एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr. RMLIMS), के मध्य एम० ओ० यू० में प्रोफेसर (डॉ०) सी० एम० सिंह, निदेशक, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, डॉ० वरिंदर सिंह गोगई, विभागाध्यक्ष, फ़िज़िकल मेडिसिन और रिहैबिलिटेशन, एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव, डॉ० भावना मिश्रा, एवं प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी, निदेशक, इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंसेज द्वारा हस्ताक्षर किए गए।

इस एम० ओ० यू० का उद्देश्य लखनऊ विश्वविद्यालय के बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (B.PT) के छात्र छात्राओं को डॉ० राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr. RMLIMS) के अंतर्गत अस्पताल के ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन विभाग, आईसीयू, ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, प्रसूति एवं स्त्री रोग, एवं फ़िज़िकल मेडिसिन और रिहैबिलिटेशन विभागों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश राज्य चिकित्सा संकाय, एवं स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय आयोग (NCAHP), भारत सरकार तथा अन्य संबंधित वैधानिक संस्थाओं द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित किया जाएगा।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर (डॉ०) सी० एम० सिंह, ने बताया की दोनों संस्थान इंटरडिसिप्लिनरी ट्रेनिंग एवं अनुसंधान को संयुक्त रूप से बढ़ावा देंगे एवं छात्रों को गुणवत्ता पूर्ण क्लीनिकल प्रशिक्षण देने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय को भरोसा दिलाया।
लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलसचिव, डॉ० भावना मिश्रा, ने एम0ओ0 यू0 के सहयोग के लिए निदेशक, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान एवं उनके सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी, निदेशक, इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंसेज ने बताया की इस साझेदारी से विद्यार्थियों को उत्कृष्ट व्यावहारिक अनुभव, अनुसंधान के अवसर और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ने का सशक्त मंच प्रदान करेगी।
इस अवसर पर डॉ० राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr. RMLIMS) के कुलसचिव महोदय, डॉ० शैली महाजन, डॉ० भुवन चंद्र तिवारी अन्य चिकित्सक, एवं डॉ० रोहित सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय भी उपस्थित रहे।



