
लखनऊ :– राजधानी लखनऊ में क्राइम ब्रांच ने पेट्रोल-डीजल में अवैध मिलावट और कालाबाज़ारी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई “ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड” के तहत पुलिस आयुक्त के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरन यादव के नेतृत्व में की गई।
क्राइम ब्रांच की टीम ने थाना मलिहाबाद क्षेत्र स्थित सन्यासी बाग फ्लाईओवर के पास छापेमारी कर एक टैंकर और एक वाहन को पकड़ा। जांच में खुलासा हुआ कि एचपीसीएल के अमौसी टर्मिनल से पेट्रोल और डीजल लेकर निकला टैंकर निर्धारित पेट्रोल पंप तक पहुंचने से पहले रास्ते में ईंधन निकालकर अवैध रूप से बेचा जा रहा था। मौके पर आबकारी विभाग की टीम को बुलाकर संयुक्त जांच कराई गई, जिसमें पेट्रोल में अवैध अपमिश्रण और अवैध भंडारण की पुष्टि हुई।
पुलिस ने मौके से 7,750 लीटर पेट्रोल, 4,000 लीटर डीजल, लगभग 1,150 लीटर अपमिश्रित पेट्रोल, करीब 3,200 लीटर साल्वेंट, टैंकर से निकाला गया 250 लीटर पेट्रोल, एक टैंकर, एक वाहन तथा ईंधन निकालने और मिलावट में प्रयुक्त मास्टर चाबी, डिप रॉड, प्लास्टिक पाइप, कीप, मापक सहित अन्य उपकरण बरामद किए।
पूछताछ में टैंकर चालक रामतीर्थ ने बताया कि वह अमौसी डिपो से ईंधन लाने के दौरान रास्ते में पेट्रोल निकालकर अनिल कुमार को करीब 75 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेच देता था।
मुख्य आरोपी अनिल कुमार ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि वह विभिन्न टैंकर चालकों से पेट्रोल-डीजल खरीदकर उसमें साल्वेंट मिलाता था और अधिक कीमत पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाता था। इस पूरे नेटवर्क में अभिषेक राजपूत और धीरज सिंह भी उसके सहयोगी के रूप में शामिल थे।
गिरफ्तार आरोपियों में अनिल कुमार (लखनऊ), अभिषेक राजपूत (काकोरी), धीरज सिंह (उन्नाव) और रामतीर्थ (हरदोई) शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, “ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड” का उद्देश्य पेट्रोल-डीजल में मिलावट, ईंधन चोरी और कालाबाज़ारी जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना है, ताकि आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके और भारत सरकार की एथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति के प्रति किसी प्रकार का भ्रम न फैले।



