
वाराणसी:– वाराणसी रेंज के DIG वैभव कृष्ण की एक संवेदनशील पहल ने चंदौली जिले के दूरस्थ पंडी गांव की दर्जनों आदिवासी महिलाओं और परिवारजनों की जिंदगी में एक यादगार दिन जोड़ दिया। 15 जून 2026 को जब DIG वैभव कृष्ण नौगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले पंडी गांव पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि वाराणसी से करीब 80-95 किलोमीटर दूर घने जंगल में बसा यह गांव मुख्यधारा से लगभग कटा हुआ है। कभी नक्सल प्रभावित रहे इस इलाके की अधिकांश महिलाओं ने न कभी शहर देखा था और न ही किसी बड़े मंदिर के दर्शन किए थे। महिलाओं से बातचीत के दौरान जब यह बात सामने आई, तो DIG भावुक हो उठे और उन्होंने पूछा कि अगर मौका मिले तो वे कहां जाना चाहेंगी। महिलाओं ने एक स्वर में जवाब दिया बनारस जाकर बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन करना है।
DIG साहब ने तुरंत यह इच्छा पूरी करने का वादा किया और मिशन शक्ति अभियान के तहत यह यात्रा आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य वंचित और दूरदराज क्षेत्रों की महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना था। 29 जून 2026 को सुबह करीब 9 बजे पुलिस की विशेष बस गांव पहुंची और 40 बुजुर्ग महिलाओं तथा 10 पुरुषों सहित करीब 50 ग्रामीणों को वाराणसी ले जाया गया। सुरक्षा और सहायता के लिए दो इंस्पेक्टर, चार सब-इंस्पेक्टर सहित पुलिस टीम साथ रही, और खाने-पीने व परिवहन की पूरी व्यवस्था पुलिस ने ही की।
यात्रा के दौरान सबसे पहले काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन हुए, जो महिलाओं की सबसे बड़ी इच्छा थी और इस पल पर वे भाव-विभोर हो उठीं। इसके बाद संकट मोचन मंदिर, दुर्गा कुंड मंदिर और शक्ति पीठ विशालाक्षी देवी मंदिर के भी दर्शन कराए गए। ग्रामीणों को शहर की ट्रैफिक, ऊंची इमारतें और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी दिखाए गए, और JHV मॉल की सैर के दौरान महिलाओं व बच्चों ने पहली बार एस्केलेटर देखा और उस पर चढ़े, जिसे उन्होंने हैरानी से “चलने वाला जीना” कहा।
बीना कुमारी, प्रभावती कुमारी, विमला देवी और पुष्पा जैसी महिलाओं ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि यह उनके लिए सपना सच होने जैसा अनुभव था, जिसे उन्होंने अब तक सिर्फ कहानियों में सुना था। DIG वैभव कृष्ण ने कहा कि मिशन शक्ति केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं को अवसर देने और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का माध्यम भी है, जिसकी पुष्टि चंदौली SP आकाश पटेल ने भी की। शाम तक सभी ग्रामीण सुरक्षित अपने गांव लौट आए, और यह यात्रा उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गई।



