
दिल्ली::– दक्षिण-पश्चिम मानसून अब उत्तर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अगले तीन-चार दिनों में यह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और मध्य भारत के कई हिस्सों में सक्रिय हो जाएगा। हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार-झारखंड में फिलहाल लू का असर बना रहेगा।
मुख्य बिंदु: –
- भारी बारिश का अलर्ट: पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी वर्षा।
- कोलकाता में जलभराव: दो घंटे की मूसलाधार बारिश से शहर की सड़कें डूबीं, ट्रैफिक जाम।
- पहाड़ी राज्यों में असर: 29 जून से 1 जुलाई तक उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में व्यापक वर्षा और तेज हवाओं की संभावना।
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- पूर्वी भारत में खतरा: बिहार, झारखंड और ओडिशा में 26 जून से 30 जून तक भारी बारिश; असम-मेघालय में 28 जून को अत्यधिक भारी वर्षा से बाढ़-भूस्खलन का अंदेशा।
- मध्य भारत में सक्रियता: मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई तक बारिश का सिलसिला; गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी।
- दक्षिण भारत में भी दौर: केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अगले सप्ताह तक अच्छी बारिश; 29 जून से 1 जुलाई तक कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा।
- लू का असर जारी: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जून तक, बिहार में 25 जून और झारखंड में 26 जून तक लू की चेतावनी।
मानसून की रफ्तार ने बारिश का दायरा बढ़ा दिया है, लेकिन फिलहाल लू से राहत नहीं मिलेगी। पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा, जबकि उत्तर भारत में मानसून की सक्रियता से खेती और जल संकट पर राहत की उम्मीद।



