बांदा

उ०प्र० मत्स्य अधिनियम जनपद में तत्काल प्रभाव से लागू

 

बांदा जिलाधिकारी अमित आसेरी ने उ०प्र० मत्स्य अधिनियम 1948 की धारा 3 के अन्तर्गत शासनादेश संख्या द्वारा निर्गत नियम के उपनियम 1 से 4 को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है

 

1. यह आदेश नदियों, की समस्त जलधाराओं पर शासनादेश सख्या 01/2019/33/एक-2-2019-19 (रिट)/2018 दिनांक 10.01.2019 के प्रस्तर घ के उप प्रस्तर (1) में निहित व्यवस्था के क्रम में दिनाक 01 जून से 31 अगस्त तक एंव तालाबों, जलाशयों में दिनांक 01 जुलाई से 31 अगस्त तक प्रभावी होगें, जो बांदा जनपद की सीमा है, और जिला मजिस्ट्रेट बाँदा द्वारा यथाविधि व्यक्तिगत अथवा धार्मिक नही घोषित किये गये हो।

 

2. कोई भी व्यक्ति विस्फोटक पदार्थ अथवा कृषि रक्षा एंव व्यापारिक कार्यों में प्रयुक्त होने वाले विषैले रसायन से मछली नही मारेगा और न ही मारने का प्रयास करेगा।

 

3. कोई भी व्यक्ति 15.07.2026 से दिनांक 30.09.2026 तक मत्स्य जीरा अथवा अंगुलिका (2 से 10 इंच) आकर की न तो पकड़ेगा, न ही बेचेगा, तथा दिनांक 01.07.2026 से दिनांक 31.08.2026 तक प्रजननशील मछलियों को न तो पकड़ेगा, न ही मारेगा और न ही बेचेगा, जब तक कि उसके पास मत्स्य विभाग बाँदा उत्तर प्रदेश द्वारा निर्गत बैध लाइसेन्स न हो। यह प्रतिबंध शासनादेश संख्या 941/12-88-1954 दिनांक 03.10.1960 के साथ संलग्न परिशिष्ट एंव समय-समय पर शासनादेश द्वारा इसमें की गयी संशोधन के अनुसार जलखंण्डो पर लागू होगा।

 

4. कोई भी व्यक्ति उक्त निर्देशित क्षेत्र के प्राकृतिक बहाव को रोकने हेतु कोई अवरोध नही लगायेगा, और न ही ऐसा करके मत्स्य जीरा, अंगुलिका और मछली नहीं पकड़ेगा अथवा नष्ट करने का प्रयास करेगा। इन आदेशो के उल्लघन में लगाये गये अवरोधक सामग्रियों पकड़े गये मत्स्य जीरा, मत्स्य अंगुलिका एंव मछली सहित जब्त कर ली जायेगी। उपरोक्त आदेशों का उल्लंघन उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 के अन्तर्गत दंडनीय होगा।

 

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

You cannot copy content of this page