
✍️आशीष मिश्र
वाराणसी:- महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में भारत रत्न महामना मालवीय जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को संगोष्ठी (हाईब्रिड मोड) एवं दीपोत्सव का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में छात्रों को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय जी मां भारती के सच्चे सपूत थे। उनका व्यक्तित्व इतना विराट रहा कि आज भी वे आज भी हमारे पथ प्रदर्शक बने हुए हैं। राष्ट्र निर्माण में मालवीय जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी राजनीतिक शख्सियत होते हुए भी हृदय से कवि थे, जिसके कारण उनकी पूरी राजनीति सहृदयी थी। अटल जी ने जितना सम्मान सत्ता पक्ष से पाया उतना ही विपक्ष से भी पाया।

डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने कहा कि, पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्र निर्माता के साथ ही एक प्रखर पत्रकार थे। हिन्दी पत्रकारिता के माध्यम से जिन पत्रकारिता के मूल्यों को उन्होंने स्थापित किया, वे वस्तुत आज के पत्रकारों के लिए न केवल मार्गदर्शन बल्कि आत्मनियमन भी है। मालवीय जी जहां शिक्षा एवं पत्रकारिता के संत थे वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति के ऋषि थे।
इस मौके पर डॉ. संतोष कुमार मिश्र, डॉ. जय प्रकाश श्रीवास्तव, शैलेश चौरसिया, रामात्मा श्रीवास्तव, विजय कुमार सिंह, डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय आदि ने अपना विचार व्यक्त किया। संचालन डॉ. वैष्णवी शुक्ला एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिव यादव ने किया। इस अवसर पर रितेश, तनिषा, प्रशांत, प्रगति ओझा, हर्षिता, संतेश्वर, चंदा, मुस्कान, प्रगति प्रजापति, मनीष, मानवेन्द्र आदि उपस्थित रहे।



