नवीन तिवारी —
वाराणसी:- सावन के प्रथम सोमवार पर गोवर्धन पूजा समिति के नेतृत्व में यादव बंधुओं ने काशी धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में पारंपरिक झंडे के साथ जलाभिषेक कर अपनी परंपरा का निर्वहन किया। जलाभिषेक यात्रा से पूर्व सभी यादव बंधु केदार घाट पहुंचे। वहां मां गंगा में विधिवत स्नान कर हंडा, गगरा, कलश आदि पात्रों में गंगाजल भरा। इसके बाद पारंपरिक वेशभूषा धोती, गंजी, लूंगी, दुपट्टा धारण कर आंख में अंजन और माथे पर चंदन लगाकर काशी में स्थित एकमात्र अर्धनारीश्वर स्वरूप गौरी केदार का जलाभिषेक किया और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

इसके उपरांत पुनः जल भरकर तिलभांडेश्वर मंदिर पहुंचकर तिलभांडेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया गया।गोवर्धन पूजा समिति के अध्यक्ष विनोद यादव गप्पु, सहसंयोजक प्रकाश यादव, कैलाश यादव, दिनेश यादव पप्पू और विनय यादव के नेतृत्व में जलाभिषेक यात्रा मदनपुर, जगमबाड़ी होते हुए गोदौलिया पहुंची। यहां गोवर्धन पूजा समिति के पूर्व अध्यक्ष अशोक यादव और महापौर अशोक तिवारी ने सभी यादव बंधुओं का स्वागत किया। इसके बाद सभी दशाश्वमेध घाट पहुंचकर पुनः स्नान कर गीले वस्त्रों में जल लेकर पारंपरिक मार्ग से काशी धाम में प्रवेश किए।जिला प्रशासन द्वारा गोवर्धन पूजा समिति को आधे घंटे के लिए गर्भगृह में स्पर्श दर्शन एवं जलाभिषेक की अनुमति दी गई। अल्प समय में अधिक से अधिक यादव बंधुओं ने गर्भगृह में दर्शन एवं जलाभिषेक किया।यात्रा में सीताराम यादव, इंजीनियर अशोक यादव, रमेश यादव, पारस यादव, पप्पू, अशोक यादव दिल्ली, विनय यादव, शिवांशु यादव, छाती यादव, राकेश यादव, डॉक्टर रवि यादव, शिव वचन यादव, आनंद यादव, विनीत यादव, विनोद यादव, मनोज यादव, सुबोध यादव, इंजीनियर अनिल यादव, मुकेश यादव, प्रधान विकास यादव, नीरू यादव, राजकुमार यादव, भानुश्री सहित हजारों यादव बंधु शामिल रहे। पारंपरिक झंडा दुर्गा यादव के पुत्र राजू यादव लेकर चल रहे थे।



