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शिक्षकों की पदोन्नति से लखनऊ विश्वविद्यालय में खुशी की लहर, लूटा ने 51 किलो फूलों की पहनाकर कुलपति प्रो. जेपी सैनी का किया भव्य सम्मान —

169 शिक्षकों को मिला पदोन्नति का लाभ, आठ मृतक आश्रितों को भी सौंपे गए नियुक्ति पत्र --

 

 

लखनऊ:–  लखनऊ विश्वविद्यालय में कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत 169 शिक्षकों को पदोन्नति मिलने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। सोमवार को लखनऊ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (लूटा) की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर लूटा पदाधिकारियों ने कुलपति को 51 किलोग्राम फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया और शिक्षकों की लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों को स्वीकृति दिलाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। 

                       

समारोह की शुरुआत लूटा अध्यक्ष प्रो. अनित्य गौरव के स्वागत संबोधन से हुई, जबकि धन्यवाद ज्ञापन लूटा महामंत्री प्रो. रामिमिलन ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. मोनिशा बनर्जी ने किया।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि कार्य परिषद की मंजूरी के बाद सहायक प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर और प्रोफेसर से वरिष्ठ प्रोफेसर (लेवल-15) तक की पदोन्नतियां प्रदान की गई हैं। विश्वविद्यालय के 33 विभागों के 169 शिक्षकों को इस निर्णय का लाभ मिला है।

यहां कुलसचिव भावना मिश्रा ने पदोन्नत शिक्षकों के नामों की घोषणा की और कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने शिक्षकों को पदोन्नति पत्र वितरित किए।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आठ मृतक आश्रितों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। आर्यन सिंह, दीपाली कुमारी, तनिष्क, अंजलीना अवस्थी, वंश निगम, शुभम व राहुल थापा सहित आठ अभ्यर्थियों को मृतक आश्रित नियुक्ति का लाभ मिला।

दूसरों की लाइन छोटी करने के बजाए बढ़ायें अपनी लाइन: कुलपति
कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने शिक्षकों को सकारात्मक सोच और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दूसरे की लाइन छोटी करने की बजाय अपनी लाइन बड़ी करने का प्रयास करें। यदि हम दूसरों का नुकसान सोचेंगे तो उसका नुकसान हो या न हो, हम स्वयं अपना नुकसान कर बैठेंगे।

उन्होंने बताया कि पदोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने लगातार कार्य किया है। कई शिक्षकों के एक, दो अथवा तीन ड्यू पदोन्नति मामलों का निस्तारण किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षकों ने आवेदन पत्र नहीं भरे थे, वे निराश हो गए थे, लेकिन देर हो सकती है, अंधेर नहीं। जिसका जो अधिकार है, उसे अवश्य मिलेगा।

कुलपति ने बताया कि पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रतिदिन तीन से चार चयन समितियों की बैठकें आयोजित की गईं।

शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति शिक्षकों की उपलब्धियों से जुड़ी है। उन्होंने प्रत्येक शिक्षक से अगले तीन वर्षों के तीन प्रमुख शैक्षणिक एवं शोध संबंधी लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि यह गिव एंड टेक का संबंध है। हमने शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, इसलिए शिक्षकों से भी अपेक्षा है कि वे विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी पूरी क्षमता का योगदान दें।

बढ़ायें पीएचडी की संख्या
कुलपति प्रो जे पी सैनी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार करिए, पीएचडी शोधार्थियों की संख्या बढ़ाइए, लगभग हर वर्ष ढाई हज़ार पीएचडी होने चाहिए।

समारोह में विश्वविद्यालय की प्रथम नागरिक संगीता सैनी, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. विनोद सिंह, प्रो. सी आर गौतम, डॉ. अशोक वित्त अधिकारी हिमानी चौधरी परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी एवं लूटा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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