
वाराणसी:– वाराणसी उत्तर प्रदेश के वाराणसी पुलिस आयुक्त ने एक बड़ा और घटिया संदेश दिया है। अपनी बेख़ौफ़ सीट और जनता के प्रति बिशप के लिए प्रसिद्ध जनजाति नीधीन कादियान को एकजुट करते हुए वोट (डीसीपी) कम्युनिस्ट जोन की रचना की गई है।
वरुणा जोन में रहे ‘सिंघम’ अवतार का जलवा -=
वरुण कादयान ने वरुणा जोन में सहायक एडीसीपी (एडीसीपी) रहते हुए जो मानक स्थापित किया, उसकी चर्चा आज पूरे वाराणसी में है। स्थानीय लोगों के बीच वह ‘लेडी सिंघम’ के नाम से प्रसिद्ध हैं। उनकी कुछ खास बातें:
आतिशबाजी का सरेंडर: वरुणा जोन में किसी भी बड़ी दुनिया के बाद जैसे ही नीदर कादियान का आगमन होता था, तूफान था या तो खुद सरेंडर कर देते थे या कुछ ही चौड़ाई में तटों के पीछे होते थे।
शिकायतकर्ताओं की मसीहा: लाइब्रेरी के लिए पत्थर जैसी सख्त दिखने वाली यह अधिकारी और शिकायतकर्ताओं के लिए हमेशा के लिए समर्थित लाइब्रेरी। उनके सरल और नेक स्वभाव ने उन्हें आम जनता के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया।
अब यह माना जा रहा है कि इस इलाके में मनबढ़ों और पेशेवर कलाकारों की खैर नहीं होगी। नीटू कादियान की कार्यशैली को देखते हुए जनता से अपेक्षा है कि अब नीटू जोन की सुरक्षा व्यवस्था और भी चक-चौबंद होगी।
“लेडी सिंघम का वरुणा जोन का कार्यकाल ऐतिहासिक रहा है। अब अध्ययन जोन में उनके माइक्रोसाइकॉल से बड़े सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।” — वाराणसी के स्थानीय नागरिक
प्रयोगशालाएँ और नई नियुक्तियाँ
इस बदलाव के साथ ही वाराणसी पुलिस में महिला अधिकारियों का सम्मान और मजबूती हुई है। ग़ाज़ियाबाद से ली गई लिपि लिपी नागापत को अतिथिगृह में शामिल करने की जिम्मेदारी (एडीसीपी) वरुणा को दी गई है।
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट का यह निर्णय केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना नहीं है, बल्कि *’नारी शक्ति’* के कदमों को भी बढ़ाना है। अब देखिएगा कि नीनीत कादयान स्टोइनियन जोन में फ़्लोरिडा पर अपना प्रभाव किस तरह का पड़ता है।



