
लखनऊ:– भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (Institute of Cost Accountants of India) की नॉर्दर्न इंडिया रीजनल काउंसिल (NIRC) द्वारा आज लखनऊ के होटल ग्रैंड जेबीआर , गोमती नगर में एक दिवसीय उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय एमएसएमई यूपी: सशक्त भारत 2047” रहा, जिसमें विशेषज्ञों ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लघु उद्योगों एवं कॉस्ट अकाउंटेंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों का संबोधन –
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दयाशंकर सिंह परिवहन मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार रहे।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में गोविंद नारायण शुक्ल (MLC) एवं -सुधीर एस. हलवासिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) कंपनियों के निदेशकों ने भी सहभागिता की। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश को “उत्तम प्रदेश” बनाने में MSME क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने और MSME के समग्र विकास में कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (CMA) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य चर्चा के बिंदु :–
कार्यक्रम के दौरान राकेश यादव ने बताया कि किस प्रकार एक CMA, सरकार और MSME उद्योगों के बीच एक मजबूत “पुल” (Bridge) के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन एवं लागत प्रबंधन (Cost Management) के माध्यम से ही छोटे उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने इस बात पर भी चर्चा की कि CMA पेशेवर किस प्रकार सरकारी सब्सिडी, ऑडिट और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित कर MSME क्षेत्र को सशक्त बना रहे हैं।
सफलता और आभार —
कार्यक्रम के कन्वीनर हनी सिंह ने सम्मेलन के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा सभी अतिथियों, सदस्यों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर देशभर से बड़ी संख्या में CMA प्रोफेशनल्स, छात्र एवं उद्यमियों ने भाग लिया।



