✍️आशीष मिश्र
वाराणसी:- महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तथा रूस के कोज़्मा मिनिन निज़नी नोवगोरोद स्टेट पेडागॉजिकल यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो सप्ताहीय पाठ्यक्रम “रूसी चरित्र भाषा के दर्पण में” आज छात्रों ने एक रोचक सांस्कृतिक शिक्षण सत्र का आनंद लिया।
पाठ्यक्रम की अध्यापिका एवं प्रसिद्ध भाषाविद् डॉ. नज़ेज़्दा इगोरएवना ने विद्यार्थियों को रूसी भाषा में कार्टून दिखलाया और रूसी कविता का पाठ कराया। उस पर आधारित प्रश्न पूछे और साथ ही वीडियो के माध्यम से रूस के उत्तर में स्थित दुनिया के सबसे ठंडे शहर याकुत्स्क के बारे में बताया, जहां का न्युनतम तापमान -50/60 डिग्री तक जाता है। वहां की जीवनशैली और रीति रिवाजों से भी परिचित कराया जिससे देख कर विद्यार्थि आश्चर्यचकित थे। इतनी ठंडी में लोग कैसे साधारण जीवन व्यतीत करते हैं, ऑफिस जाते है और बच्चे स्कूल जाते है।विद्यार्थियों को इतनी ठंड में उपयुक्त होने वाले रूसी ऊनी वस्त्रों, खास जूतों से परिचित कराया। बर्फ में उपयुक्त होने खास वाहनों के बारे में भी बताया। वस्त्रों पर आधारित शॉर्ट वीडियो दिखाई जिसमें बच्चों को वस्त्रों के नाम को बताया और सही उच्चारण कराया।
इस कार्यक्रम के दौरान अँग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग (म.गा.का.वि.वि.) की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीरज धनकड़* ने छात्रों को सही उच्चारण करना सिखाया। अन्य विभाग के विद्यार्थियों द्वारा रूसी भाषा और संस्कृति को सीखने की जिज्ञासा की सराहना करते हुए बताया कि रूसी भाषा और संस्कृति को समझने और सीखने के लिए उच्चारण सबसे महत्वपूर्ण अंग में से एक है।
यह सत्र भाषा शिक्षण के साथ-साथ रूसी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करने वाला रहा, जिसने छात्रों के अनुभव को समृद्ध बनाया और उनमें रूसी परंपराओं एवं जीवनशैली के प्रति रुचि बढ़ाई।



