ब्लैक हरेला’ बना जनआंदोलन: ऋषिकेश-भानियावाला हाईवे पर पेड़ों की कटाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग —
उत्तराखंड:– देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड में हरेला पर्व के बीच इस बार हरियाली का उत्सव विरोध की आवाज़ में बदल गया। ऋषिकेश-भानियावाला हाईवे चौड़ीकरण परियोजना के लिए प्रस्तावित बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के विरोध में पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक संगठन, छात्र और स्थानीय नागरिक ‘ब्लैक हरेला’ अभियान के तहत सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े और काली पट्टी बांधकर सरकार तक अपना संदेश पहुंचाया कि विकास जरूरी है, लेकिन प्रकृति की कीमत पर नहीं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाईवे चौड़ीकरण के नाम पर हजारों पेड़ों की कटाई से न केवल क्षेत्र की हरियाली खत्म होगी, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन पर भी गहरा असर पड़ेगा। उनका कहना है कि सरकार को ऐसे विकल्प तलाशने चाहिए जिनसे विकास कार्य भी हो और पेड़ों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।

लगातार बढ़ते जनविरोध के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने तथा परियोजना की समीक्षा कर वैकल्पिक समाधान तलाशने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि परियोजना में पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन कैसे बनाया जाता है। फिलहाल ‘ब्लैक हरेला’ उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण की एक मजबूत जनआवाज़ बनकर उभरा है।




