
लखनऊ:- यात्री सुरक्षा और मेट्रो सेवाओं के निर्बाध संचालन को ध्यान में रखते हुए लखनऊ मेट्रो ने आमजन से अपील की है कि वे मेट्रो कॉरिडोर के आसपास पतंग उड़ाने से परहेज करें। पूर्व में पतंगबाजी से मेट्रो परिचालन प्रभावित हुआ है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

विदित हो कि चीनी मांझा अथवा धातुयुक्त धागा विद्युत का सुचालक होता है। इसके उपयोग से शॉर्ट सर्किट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका के साथ-साथ मेट्रो की ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE) प्रणाली को भी गंभीर क्षति पहुंच सकती है।
धातुयुक्त धागा OHE में फंसने पर ट्रिपिंग की स्थिति बनती है, जिसके परिणामस्वरूप मेट्रो सेवाएं बाधित हो सकती हैं। ऐसी घटनाओं में पतंग उड़ाने वाले व्यक्तियों के घायल होने के मामले भी सामने आए हैं।
प्रचलित नियमों के अंतर्गत मेट्रो संपत्ति को क्षति पहुंचाने पर मेट्रो रेलवे अधिनियम, 2002 की धारा 78 के तहत बिना वारंट के 10 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
लखनऊ मेट्रो नागरिकों से अपील करता है कि वे चीनी मांझा अथवा तांबे के तार का प्रयोग न करें और मेट्रो कॉरिडोर के निकट पतंग उड़ाने से बचते हुए सुरक्षित एवं निर्बाध मेट्रो संचालन में सहयोग प्रदान करें।
लखनऊ मेट्रो समस्त नागरिकों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता है।



