वाराणसी:- उत्तर प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में चल रही “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा का छठवां दिन जनता के जोश, भरोसे और अपार समर्थन के साथ शुरू हुआ। बुधवार सुबह 10 बजे जैसे ही पदयात्रा समृद्धि होटल बैंक्वेट एंड लॉन, लहरतारा से आगे बढ़ी, पूरे रास्ते युवाओं, किसानों, मजदूरों, बुनकरों, महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने फूलों की वर्षा, नारों और ढोल-नगाड़ों के साथ संजय सिंह का ऐतिहासिक स्वागत किया। हर चौराहे, हर गली में उमड़ता जनसैलाब यह साफ संदेश दे रहा था कि रोज़गार और सामाजिक न्याय की यह लड़ाई अब किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का साझा आंदोलन बन चुकी है।

दिनभर चली पदयात्रा में संजय सिंह ने बेरोज़गारी, मनरेगा में घटते काम के दिन, मजदूरों की मज़दूरी, बुनकरों की बदहाली और दलित-पिछड़े वर्गों के साथ हो रहे सामाजिक अन्याय के मुद्दों को केंद्र में रखकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि मेहनतकश मजदूर को काम नहीं, बुनकर को बाज़ार नहीं और युवा को नौकरी नहीं मिल रही। मनरेगा जैसी योजना, जो गरीबों की जीवनरेखा होनी चाहिए थी, उसे जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है ताकि गांवों से रोज़गार खत्म हो और पलायन बढ़े।
पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में सरकारी विभागों में हजारों पद खाली पड़े हैं, लेकिन भर्तियाँ रोक दी गई हैं। आउटसोर्सिंग के नाम पर स्थायी नौकरियाँ छीनी जा रही हैं और युवाओं को असुरक्षा के हवाले किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और प्रक्रिया में देरी ने लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ दिया है। आज पढ़ा-लिखा नौजवान सड़कों पर भटक रहा है और सरकार आंखें मूंदे बैठी है। संजय सिंह ने सरकार पर हमलावार होते हुए कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश के नौजवानों को किसी भी हाल में इस तरह भटकते हुए नहीं छोड़ सकती है। आम आदमी पार्टी इस पदयात्रा के माध्यम से योगी आदित्यनाथ सरकार से मांग करती है कि या तो नौजवानों को रोजगार दो या फिर उन्हें प्रति माह ₹10000 बेरोजगारी भत्ते के रूप में दो।
यात्रा के दौरान जगह-जगह स्थानीय लोगों ने संजय सिंह से संवाद करते हुए अपनी पीड़ा साझा की। मजदूरों ने कहा कि काम के दिन घटने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। बुनकरों ने बताया कि कच्चा माल महंगा और तैयार माल सस्ता होने से उनका हुनर दम तोड़ रहा है। महिलाओं और युवाओं ने बढ़ती महंगाई और बेरोज़गारी को परिवारों पर दोहरी मार बताया। संजय सिंह ने लोगों को भरोसा दिलाया कि आम आदमी पार्टी इन सवालों को सड़क से संसद तक मजबूती से उठाएगी।
शाम होते-होते पदयात्रा गोकुल निकुंज बैंक्वेट, हवेलिया चौराहा, सारनाथ की ओर बढ़ी। संजय सिंह ने कहा कि सारनाथ केवल एक स्थान नहीं, बल्कि शांति, करुणा और समानता का संदेश देने वाली धरती है। यहीं से भगवान बुद्ध ने अन्याय और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ अहिंसा का रास्ता दिखाया था। उन्होंने कहा कि उसी शांति और न्याय की भावना के साथ आम आदमी पार्टी इस पदयात्रा के अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ते हुए रोज़गार और सामाजिक सम्मान की लड़ाई लड़ रही है, ताकि हर नागरिक को जीने का हक और काम का अधिकार मिल सके।
“रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा 22 जनवरी को बुद्ध की धरती सारनाथ में संपन्न होगी। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के हक की निर्णायक आवाज़ है, जो अब रुकने वाली नहीं है।
विधायक सुरेन्द चौधरी,पूर्व विधायक/प्रदेश सहप्रभारी दिलीप पांडेय, नि. प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह, प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल, मीडिया क्वार्डिनेटर सर्वेश मिश्रा,काशी प्रान्त अध्यक्ष पवन तिवारी, मुख्य प्रवक्ता वंशराज दूबे, प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह, जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल, विनय पटेल,पंकज अवाना, अंकुश चौधरी, कमांडो अशोक, नीलम यादव,प्रदेश प्रवक्ता मनीष गुप्ता, प्रशांत यादव, शारदा टंडन, अजीत सिंह,अमर सिंह पटेल,पल्लवी वर्मा,संजीव निगम, जिला मीडिया प्रभारी घनश्याम पांडेय, देवकांत वर्मा आदि।



