बांदा

मण्डलायुक्त, डीएम, एडीएम ने सभी विभागों को सतर्क रहने के दिए निर्देश

जिला आपदा कंट्रोल 24×7 संचालित बांदा जनपद में जारी हुआ टोल फ्री नंबर जारी

25 मई से लग रहा नौतपा प्रशासन अलर्ट

 

 

बांदा वर्तमान में प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी, हीट वेव के दृष्टिगत मंडलायुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल अजीत कुमार द्वारा आमजन से विशेष सतर्कता बरतने एवं सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की गई है। शासन स्तर से जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में मण्डलायुक्त ने कहा कि आगामी दिनों में तापमान सामान्य से अधिक रहने एवं लू चलने की संभावना है, अतः नागरिक स्वयं भी सावधानी बरतें तथा अन्य लोगों को भी जागरूक करें।

जिलाधिकारी अमित आसेरी जनपद बांदा  ने जनता से की अपील

मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी बांदा ने कहा कि हीट वेव (लू) ऐसी स्थिति है, जब तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है तथा गर्म हवाएं चलती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकती हैं। इसके कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, अत्यधिक थकान, उल्टी, सिरदर्द, बेहोशी एवं हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को सतर्क एवं जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है।

 

आमजन से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, विशेषकर दोपहर 12 बजे से सायं 04 बजे तक सीधे धूप में जाने से बचें। बाहर निकलते समय सिर को गमछा, टोपी अथवा छाते से ढकें तथा हल्के रंग के सूती एवं ढीले कपड़े पहनें। प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें तथा ओ0आर0एस0, नींबू पानी, छाछ, लस्सी एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो।

 

उन्होंने कहा कि लोग पौष्टिक एवं तरल आहार का सेवन करें तथा अत्यधिक तैलीय भोजन, शराब, चाय, कॉफी एवं कैफीनयुक्त पेय पदार्थों के सेवन से बचें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी स्थिति में बच्चों अथवा पशुओं को बंद वाहन में अकेला न छोड़ा जाए।

 

मण्डलायुक्त ने किसानों, श्रमिकों एवं खुले स्थानों पर कार्य करने वाले लोगों से अपील की कि वे भीषण गर्मी के समय कार्य करने से बचें तथा समय-समय पर छायादार स्थानों पर विश्राम करें। पशुपालकों से कहा गया कि पशुओं के लिए पर्याप्त पेयजल, हरा चारा एवं छायादार स्थान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

 

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक पसीना आना, चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी, सांस लेने में कठिनाई, शरीर का तापमान बढ़ना अथवा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तत्काल ठंडे स्थान पर ले जाकर पानी पिलाया जाए एवं निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा आपातकालीन सेवाओं से संपर्क किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर एम्बुलेंस सेवा 108 एवं पुलिस सहायता हेतु 112 नंबर का उपयोग किया जाए।

 

मण्डलायुक्त ने कहा कि तेज हवा के दौरान लोग जर्जर भवनों, कमजोर पेड़ों, विद्युत पोलों एवं खुले बिजली के तारों से दूर रहें। खराब मौसम की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।

 

शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में मण्डलायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को हीट वेव एवं आपदा से बचाव हेतु विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर शीतल एवं स्वच्छ पेयजल, छाया एवं शेल्टर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक स्थलों पर तापमान एवं मौसम संबंधी सूचनाओं का प्रदर्शन कराया जाए तथा हीट वेव से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

 

स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि सभी चिकित्सालयों में हीट स्ट्रोक वार्ड स्थापित कर उन्हें पूर्णतः क्रियाशील रखा जाए। पर्याप्त दवाएं, ओ0आर0एस0, आई0वी0 फ्लूड, कूलर, पंखे, ए0सी0 एवं शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मरीजों एवं तीमारदारों के लिए प्रतीक्षालयों में छाया एवं बैठने की समुचित व्यवस्था रहे। सभी स्वास्थ्य इकाइयों में विद्युत आपूर्ति निर्बाध रहे तथा बैकअप व्यवस्था भी सक्रिय रखी जाए।

 

साथ ही समस्त जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अग्नि सुरक्षा एवं विद्युत सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने, विद्युत संयंत्रों, कंट्रोल पैनल एवं केबलों का नियमित परीक्षण कराने तथा अग्निशमन उपकरणों को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल परिसरों में साफ-सफाई, पेयजल एवं शीतल वातावरण बनाए रखने हेतु नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए।

 

जल संस्थान, नगर निकाय एवं पंचायतीराज विभाग को निर्देशित किया गया है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा खराब हैंडपंप एवं पाइपलाइन का तत्काल मरम्मतीकरण कराया जाए। जहां जल संकट की स्थिति हो, वहां टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

 

विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि विद्युत आपूर्ति सुचारु रखी जाए तथा तेज हवा एवं तेज हवा के दौरान विद्युत लाइनों एवं ट्रांसफार्मरों की सतत निगरानी की जाए। किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना अथवा फॉल्ट की सूचना पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

 

शिक्षा विभाग को विद्यालयों में बच्चों को हीट वेव से बचाव संबंधी जानकारी देने, पेयजल एवं पंखों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा समयानुकूल व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

पशुपालन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि समस्त गौशालाओं एवं गौ आश्रय स्थलों में गौवंश हेतु पर्याप्त पेयजल, हरा चारा, भूसा एवं छायादार स्थान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लू एवं अत्यधिक गर्मी से बचाव हेतु टीन शेड, टाट एवं बोरे पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए तथा कूलर/पंखों की समुचित व्यवस्था की जाए। बीमार एवं कमजोर गौवंश का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए। गौ आश्रय स्थलों में स्वच्छता बनाए रखते हुए जलभराव एवं गंदगी की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। साथ ही गौवंश के लिए पर्याप्त पशु आहार, दवाओं एवं केयर टेकर की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नियमित निरीक्षण एवं सतत अनुश्रवण किया जाए।

 

मण्डलायुक्त अजीत कुमार ने कहा कि हीट वेव एवं प्राकृतिक आपदाओं से बचाव केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी नागरिक सतर्क रहें, सुरक्षित रहें एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन आमजन की सुरक्षा एवं राहत हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध एवं तत्पर है।

कुमार धर्मेन्द्र एडीएम (वि०/रा०)जनपद बांदा ने कहा की जनपद में ह्वीट वेव के प्रभावों से निपटने के लिए जिला आपदा कंट्रोल 24×7 संचालित है, किसी भी समस्या में मदद पाने हेतु हमारे टोल फ्री नम्बर 1077 या लैंडलाइन – 05192 285260 पर काल करने की अपील की है इसके अतिरिक्त 9452662412 में व्हाट्सएप कर सकते हैं। और मदद पा सकते हैं।

 

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