सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी,31 वां राष्ट्रीय अलंकरण काशीरत्न,शान ए काशी, आईएजे लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, आईएजे नागरिक अभिनंदन सम्पन्न –

वाराणसी:- हिंदी पत्रकारिता दिवस के पूर्व संध्या पर शुक्रवार को सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के योग साधना केंद्र में राष्ट्रीय संगोष्ठी वर्तमान वैश्विक संकट – मीडिया की भूमिका, 31 वां राष्ट्रीय अलंकरण काशीरत्न, शान ए काशी, आईएजे लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, आईएजे नागरिक अभिनंदन में 20 विभूतियों को सम्मानित किया गया।
समारोह की अध्यक्षता प्रो बिहारी लाल शर्मा (कुलपति, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी), मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो श्याम सुंदर अग्रवाल (कालाजार रोग विशेषज्ञ), विशिष्ट अतिथि व्दय काशीरत्न ओमप्रकाश शर्मा (वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट), श्रीमती संतोषी शुक्ला (शैक्षणिक सेविका) ने शाल, प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह पगड़ी देकर अलंकृत किया।
समारोह का शुभारंभ अतिथि गण ने मां सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण, तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय प्रवेश सामाजिक विज्ञान विभाग अध्यक्ष प्रो शैलेश कुमार मिश्र, ने किया। आमंत्रित अतिथियों ने अपनी विचार रखे।आगंतुकों का स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो शैलेश कुमार मिश्र ने किया।
अतिथियों ने दृष्टि वार्षिक पत्रिका का लोकार्पण किया। दृष्टि वार्षिक पत्रिका के सम्पादक डा नितेश कुमार सहयोगी जफरुद्दीन फारुकी ने रहे।
राष्ट्रीय महामंत्री अरविंद विश्वकर्मा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत किया।
समारोह का संचालन शान ए काशी आशुतोष शास्त्री व डा कैलाश सिंह विकास तथा आईएजे काशीरत्न संयोजक मोतीलाल गुप्ता,धन्यवाद प्रकाश प्रो राजनाथ ने किया।

काशीरत्न से अलंकृत —
राजेश्वर पाण्डेय, (समाज सेवी),डा ममता टण्डन (कत्थक नृत्य संगीत सेवा), अशोक कुमार पाण्डेय (आकाशवाणी वाराणसी), डा रवि शंकर पाण्डेय (व्याकरण संस्कृत सेवा), डा वैभव जायसवाल (बाल रोग विशेषज्ञ, बीएचयू), विनोद दिक्षित,(शिक्षा सेवा), अनिल कसेरा (धातु कला सेवा), महन्त बलविंदर सिंह ( समाज सेवी), डा अजीत सिंह (आर्थोपेडिक सेवा)।
शान ए काशी
गिरीश पाण्डेय काशिकेय,(साहित्य सेवा), हीरा लाल चौरसिया (पत्रकारिता सेवा), अमित कुमार पाण्डेय (पत्रकारिता सेवा), सना सलीम (उद्घोषिका, पत्रकारिता सेवा)
विजयता सचदेवा ( मांडल, मिसेज एशिया विनर), कल्पना तिवारी (शिक्षा सेवा), नाजिश खान (कलात्मक, समाज सेवी), अंशुमान दुबे एडवोकेट (विधि सेवा), इजी प्रकाम्य ओशो (मार्केटिंग, समाज सेवी)।
आईएजे लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
डा आंनद पाल राय (शिक्षा सेवा)

आईएजे नागरिक अभिनंदन –
डा सुबास चंद्र
राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने अपनी विचार रखे
मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो श्याम सुंदर अग्रवाल ने कहा, 2008 – 2010 से पूर्व हजारों लोग कालाजार रोग से पीड़ित होते थे।शोध के बाद आए दवा से वर्तमान में यह आंकड़ा लगभग 400 से भी कम है।
अनुमान है कि जल्द ही यह संख्या घटकर शून्य हो जायेगी।
आकाशवाणी वाराणसी के कार्यक्रम प्रमुख अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र चौथा स्तंभ है। आमजन सत्य , सटिक जानकारी चाहता है। जल्दी सूचना प्रसारित करने के कारण गलत सूचना प्रसारित हो जाती है। गलत सूचना का समाज पर बुरा असर पड़ता है।जो भी सूचनाएं हो हिंसा, घृणा से मुक्त रहें। नैतिकता, निष्पक्षता,व कार्यक्रम का मूल्यांकन आवश्यक है।
विषय प्रस्तावना करते हुए प्रो शैलेश कुमार मिश्र ने कहा सोशल मीडिया हम जिम्मेवार नहीं ठहरा सकते हैं। हम प्रिंट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को ही जिम्मेदार ठहरा सकते हैं। उनके एक समाचार से शेयर बाजार में भी उतार चढ़ाव हो जाता है।
प्रो राजनाथ ने कहा कई चैनल रुस यूक्रेन युद्ध से पहले ही तृतीय विश्व युद्ध करा रहे हैं। शक्तिशाली राष्ट्र दूसरे राष्ट्रों का सम्पदा हड़पने का प्रयास कर रहे हैं।
अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो रजनीश शुक्ल ने उदंत मार्तण्ड का उल्लेख करते हुए कहा वर्तमान में उदारीकरण के बाद बहुत बदलाव आया है।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के कुलपति ने कहा कि मीडियाकर्मियों को निर्मभिकता से तथ्यों का सही मूल्यांकन करना चाहिए।
समारोह में सर्वश्री डा निशा रानी अग्रवाल, प्रो शैलेश कुमार मिश्र,प्रो राजनाथ, प्रो जितेंद्र कुमार, डा कैलाश सिंह विकास,
मोहम्मद दाऊद, मोतीलाल गुप्ता, सत्यनारायण व्दिवेदी एडवोकेट, अरविंद कुमार विश्वकर्मा, डा शुभम् कुमार सेठ, गीता राय, जियाउद्दीन फारुकी, राधा सेठ, अर्जुन सिंह, आशीर्वाद सिंह, रामनरेश नरेश, आंनद कुमार सिंह, मुशीरुल हसन सिद्दीकी,कौशल कुमार मिश्र जफरुद्दीन फारुकी, विक्रम कुमार, विनय कुमार श्रीवास्तव, राजू वर्मा, विक्की वर्मा, अमित कुमार, संजय पाण्डेय, तेजस कुमार सिंह, डा नितेश कुमार,डा जिनेश कुमार,डा चन्द्रभान,डा अमित कुमार दुबे, सहित अनेक वरिष्ठ जन मौजूद रहे।



