वाराणसी
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पूर्वांचल की बड़ी मंडी दालमंडी बनेगी मॉडल सड़क, DPR तैयार, श्री काशी विश्वनाथ धाम जाने का रास्ता होगा सुगम –

✍️रोहित नंदन मिश्र

वाराणसी:- बाबा विश्चनाथ मंदिर के पास ही स्थित दालमंडी की संकरी गली में कदम रखते ही ऐसा लगेगा जैसे आप दिल्ली के पालिका बाजार या जयपुर के बापू बाजार या भोपाल के चौक बाजार में पहुंच गए हों।

गली की शुरुआत में मोबाइल की दुकानें हैं, मगर जैसे-जैसे अंदर चलते जाएंगे, यहां हर ओर लड़कियों-महिलाओं के लिए ड्रेसेज, जूतियां या पर्स बिकते नजर आएंगे।

 

दालमंडी अतीत से वर्तमान तक की यात्रा –

दालमंडी सिर्फ एक गली नहीं, बल्कि काशी की सांस्कृतिक और व्यापारिक धरोहर रही है। यह इलाका एक समय बनारसी शिल्प, पारंपरिक वाद्ययंत्र, ठुमरी-संगीत और उर्दू अदब का प्रमुख केंद्र था। आज यह इलाका स्थानीय व्यापार और श्रद्धालुओं के लिए एक व्यस्त मार्ग बन चुका है, जो काशी विश्वनाथ धाम से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण रूट बन गया है।

अब यह गली ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष और ‘ॐ नमः शिवाय’ की धुन में डूबने जा रही है। शासन इसे भक्ति पथ और मॉडल इन्फ्रास्ट्रक्चर** में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

 

650 मीटर लंबी, 17 मीटर चौड़ी बनेगी सड़क –

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना के अंतर्गत:

दालमंडी की 650 मीटर लंबी सड़क को 17 मीटर चौड़ी किया जाएगा।

सड़क के दोनों ओर डिक्ट (duct) बनाए जाएंगे ताकि भविष्य में बिजली, पानी या टेलीफोन जैसी सेवाओं के लिए सड़क की खुदाई न करनी पड़े।

यह सड़क मॉडल सड़क के रूप में विकसित होगी, जिसमें ट्रैफिक नियंत्रण, पैदल यात्रियों के लिए पाथवे, एलईडी स्ट्रीट लाइट्स और ड्रेनेज सिस्टम शामिल होंगे।

 

DPR तैयार, PWD और नगर निगम ने किया सर्वे –

इस परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनकर तैयार है, जिसे अगले सप्ताह शासन को भेजा जाएगा।

PWD और नगर निगम दोनों ने मिलकर जमीन का सर्वे और टेक्निकल रिपोर्ट तैयार कर ली है।

पहले चरण के लिए ₹24 करोड़ का बजट पहले ही जारी कर दिया गया है।

इस महत्वाकांक्षी योजना पर कुल अनुमानित ₹220 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें यदि भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की जरूरत पड़ी तो यह बजट ₹250 करोड़ तक जा सकता है।

 

अतिक्रमण हटाकर साफ की गई गली –

इस सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत प्रशासन ने हाल ही में:

दुकानों के बाहर बने अतिक्रमण, टीन शेड, तिरपाल आदि को हटाया है।

इसके बाद गली की असली चौड़ाई और स्वरूप सामने आया, जिससे स्पष्ट हो गया कि यहां चौड़ी सड़क बनाई जा सकती है।

प्रशासन का मानना है कि दालमंडी के सुधरे स्वरूप से काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचने का मार्ग काफी सुलभ और सुगम हो जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को लाभ होगा।

 

मई में मिल सकता है अतिरिक्त बजट, भूमि अधिग्रहण शुरू होने की संभावना –

सूत्रों के अनुसार:

मई में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त बजट जारी किया जा सकता है।

इसके बाद भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू किया जाएगा।

मई के अंत तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रारंभ होने की प्रबल संभावना है।

 

व्यापारियों की चिंता: “हमारी पहचान छिन जाएगी”

जहां शासन इस गली को संवारने की तैयारी में है, वहीं दालमंडी के व्यापारियों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। व्यापारी वर्ग का कहना है:

“हमारी पहचान दालमंडी की इस ऐतिहासिक गली से जुड़ी है। अगर गली ही नहीं रहेगी, तो हमारा व्यवसाय और रोज़गार खत्म हो जाएगा।”

कई दुकानदारों का मानना है कि चौड़ीकरण के नाम पर अगर उन्हें हटाया गया तो उनकी जीविका पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। हालांकि प्रशासन ने अभी तक विस्थापन या पुनर्वास को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।

 

योजना के लाभ –

श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ धाम तक बेहतर और चौड़ा मार्ग मिलेगा।

भक्ति मार्ग के रूप में इसका सौंदर्यीकरण होगा।

भविष्य में जरूरी सेवाओं के लिए खुदाई नहीं करनी पड़ेगी।

पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचेगा।

संभावित चुनौतियाँ –

भूमि अधिग्रहण में विवाद और कानूनी अड़चनें।

व्यापारियों का विरोध और पुनर्वास की मांग।

ऐतिहासिक पहचान और पुरातन विरासत की सुरक्षा।

 

निष्कर्ष: परिवर्तन की ओर बढ़ती दालमंडी –

दालमंडी, जो कभी सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और स्थानीय व्यापार की पहचान थी, अब आधुनिक काशी के विकास मॉडल का हिस्सा बनने जा रही है। यह बदलाव सिर्फ भौतिक स्वरूप का नहीं, बल्कि मानसिकता का भी है—जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।

अगर यह परियोजना सही ढंग से लागू होती है, तो दालमंडी न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए एक सुगम मार्ग बनेगी, बल्कि यह पूरे देश में हेरिटेज प्लेस को मॉडल सड़क में बदलने की मिसाल बन सकती है।

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