
लखनऊ :– विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजकार्य विभाग के प्रो. सुरेंद्र सिंह सभागार में UPVHA एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के सम्मिलित सहयोग से आज शनिवार को एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परिचर्चा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दोपहर 12:00 बजे से आरंभ हुआ, जिसमें तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एवं स्वागत: कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के अभिनंदन एवं स्वागत से हुई। समाजकार्य विभाग के शिक्षक डॉ रजनीश यादव ने बताया की विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रत्येक वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष का आयोजन तंबाकू के सेवन से होने वाली स्वास्थ्य हानियों के प्रति समाज को जागरूक करने तथा तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के संकल्प को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया। लखनऊ विश्वविद्यालय में इस प्रकार के आयोजन से युवा पीढ़ी को तंबाकू के कुप्रभावों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी तथा तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में विश्वविद्यालय व विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

उत्तर प्रदेश स्वैच्छिक स्वास्थ्य संघ के कार्यकारी निदेशक विवेक अवस्थी ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि एवं संदर्भ प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रदेश में तंबाकू सेवन की वर्तमान स्थिति तथा इसके नियंत्रण हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP), उत्तर प्रदेश के राज्य सलाहकार सतीश त्रिपाठी ने तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन एवं उपलब्धियों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के समन्वयक प्रो. अमरेंद्र कुमार ने अपने उद्बोधन में युवाओं से तंबाकू के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों को तंबाकू निषेध अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, उत्तर प्रदेश के राज्य सलाहकार श्री एस.पी. पाठक ने तंबाकू सेवन और मानसिक स्वास्थ्य के बीच के गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तंबाकू न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
उन्होंने तंबाकू नियंत्रण हेतु सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की और समाज के हर वर्ग से इस अभियान में सहयोग की अपील की।
इस अवसर पर विभाग के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों के प्रतिनिधि सहित 80 लोग उपस्थित रहे।



