लखनऊ:- राजधानी लखनऊ में थाना गोमतीनगर क्षेत्र स्थित ग्वारी चौराहे के बगल, जहां कंपोजिट अंग्रेजी शराब की दुकान और देशी शराब की दुकान दोनों हैं, पर रोजाना कानून व्यवस्था की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाती है। थाना गोमतीनगर के विराम खंड चौकी क्षेत्र में आने वाले इस स्थान पर पुलिस की सख्ती एकदम बेकार है। कार्यशैली पर रोजाना सवाल उठता है। नशे का अड्डा बन चुका यह स्थान पर ना तो आबकारी निरीक्षक गोमतीनगर कोई कार्यवाही करना चाहते और ना ही थाना गोमतीनगर की विराम खंड चौकी की पुलिस। नशेबाजों के बगल से पुलिस निकल जाती है, पर नशेबाजों को पुलिस का रत्तीभर का भी खौफ या डर नहीं…
वहीं बात करें आबकारी विभाग की तो कंपोजिट अंग्रेजी शराब के इर्दगिर्द/आसपास लोग पी रहे हैं, जिला आबकारी अधिकारी के आदेशों और आबकारी नियमों की धज्जियां उड़ रही है, पर ना तो आबकारी निरीक्षक गोमतीनगर को कोई चिंता और ना ही रोकथाम करना चाहते हैं। साथ ही देशी शराब की दुकान 10 बजे बंद होने के बजाए, धीरे धीरे सवा से साढ़े दस तक खोल ही लेता है। यहां भी नियम की धज्जियां उड़ रही है। यदि आबकारी निरीक्षक से शिकायत करें तो उन्हें आजतक ये सब दिखाई नहीं देता।
थाना गोमतीनगर के विराम खंड चौकी की पुलिस की घटिया और बेकार कार्यशैली से क्षेत्र में कानून व्यवस्था भी बिगड़ रही है और नशेबाजी का अड्डा बनने से बगल में स्थित पार्क व सोसाइटी में शरीफ और इज्जतदार लोगों के समक्ष पुलिस की गैर जिम्मेदाराना का खराब दृश्य देखने को भी मिल रहा है.
वहीं आबकारी निरीक्षक गोमतीनगर की बेकार कार्यशैली और अंग्रेजी व देशी शराब की दुकानों से मोह के साथ मेहरबानी व संरक्षण, दुकान के आसपास का माहौल बिगाड़ रहा है। देशी शराब 10 बजे के बाद मिलना और शराब की दुकानों के आसपास पीने से जिला आबकारी अधिकारी के आदेशों को ताक पर रखा जा रहा है। जमकर नशेबाजी और हद से ज्यादा नशा, दुकानदारों के लिए फायदा जरूर है, पर आबकारी विभाग का वर्चस्व ऐसे माहौल में नीलम हो रहा है…
यदि नशेबाज में और नशेबाजी से कोई अप्रिय घटना, हादसा या वारदात हो जाती है, तो इसका जिम्मेदार थाना गोमतीनगर की विराम खंड चौकी की पुलिस, आबकारी निरीक्षक गोमतीनगर और अंजाम देने वाले को ही क्यों ना समझी जाए….!



