
लखनऊ :- राजधानी लखनऊ में विभूति खंड और गोमतीनगर क्षेत्र में आबकारी निरीक्षक विवेक कुमार और अरविंद बघेल की मेहरबानी और मार्गदर्शन पर चल रहे कंपोजिट व बार को कार्यवाही की कोई चिंता नहीं, अगर नियम या मानकों के विपरीत हों। ऐसा इसलिए है क्योंकि संबंधित क्षेत्र में आबकारी निरीक्षकों के मार्गदर्शन से कहीं किसी बार में पार्किंग की सुविधा नहीं, तो कहीं हुक्का बार चलने की सूचना, यहां तक कंपोजिट की दुकान पर शराब पीने की सुविधा प्राप्त है…
ऐसे हालात में मानकों और नियमों के विपरीत चलने पर आप शराब की दुकानों व बारों को क्यों दोष दें?, दोष देना ही है तो जिम्मेदारों को दीजिए। जो अपने फायदे के लिए विभाग की छीछालेदर कराने में मस्त हैं। राजस्व जमा हो रहा है लेकिन नियम बनाए गए तोड़ने के लिए…!
ऐसे आबकारी निरीक्षकों की वजह से पूरा आबकारी विभाग बदनाम हो रहा है। हैरत की बात है कि ऐसे आबकारी निरीक्षकों पर कार्यवाही भी नहीं होती। मक्खनबाजी और नियम व मानकों को तुड़वाकर राजस्व जमा करवाने से इनकी औकात और वजूद बना हुआ है…
विभूति खंड क्षेत्र के विराज खंड स्थित मिनिस्ट्री आफ बियर एक जीता – जाता उद्धारण है। जहां मिनिस्ट्री आफ बियर नाम के बार में पार्किंग की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। बार में शराब का सेवन करने वाले या लुत्फ उठाने वाले सड़क पर अपनी गाड़ी खड़ी/पार्क कर रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना पड़ता है कि वहां से राहगीरों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ता होगा। पर देखा जाए आबकारी मानकों के अनुसार बार में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होना अनिवार्य है…
अरविंद बघेल और विवेक कुमार जैसे होनहार और कर्मयोगी आबकारी निरीक्षकों के मार्गदर्शन और मेहरबानी की वजह से उनके क्षेत्र के देशी शराब, कॉपोजिट की दुकानें और बारों को नियमों व मानकों के विपरीत जाने में कोई आपत्ति नहीं होती, क्योंकि कार्यवाही तो होनी ही नहीं है। बस आबकारी निरीक्षक को अपने फायदे और राजस्व में कोई रोक-टोक ना हो, इसकी चिंता खाए रहती है। बाकी आबकारी निरीक्षक विवेक कुमार और अरविंद बघेल के क्षेत्र में तो कई बार, कई देशी शराब की दुकानें और कई कॉपोजिट की दुकानें बेखौफ होकर नियम व मानकों को तोड़ने में रोजाना अपना किरदार निभा ही रही हैं…



