
वाराणसी:- हर प्रसाद गुप्त इनक्यूबेशन फाउंडेशन, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एवं एमराल्डगीयर्स इनिशिएटिव फाउंडेशन ग्लोबल (ईजीआईएफ) के मध्य नवाचार, उद्यमिता, शोध, कौशल विकास तथा सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ। पंत प्रशासनिक भवन स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में हुआ यह समझौता युवाओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स एवं सामाजिक उद्यमों के लिए नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मौके पर कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने दोनों संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह समझौता ज्ञापन काशी विद्यापीठ के छात्र-छात्राओं के तकनीकी और व्यावसायिक अभ्युदय के लिए एक मौल का पत्थर सिद्ध होगा। विश्वविद्यालय का सदैव यह ध्येय रहा है कि उच्च शिक्षा को समकालीन वैश्विक रोजगार और नवाचार के साथ जोड़ा जाए।
हर प्रसाद गुप्त इनक्यूबेशन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. मोहम्मद आरिफ ने कहा कि यह ऐतिहासिक समन्वय हमारे विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान की परिधि से बाहर निकालकर आज के कॉर्पोरेट जगत की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराएगा। ईजीआईएफ के अध्यक्ष व पूर्व आई.एफ.एस. अधिकारी केशव प्रसाद दुबे ने कहा कि काशी विद्यापीठ जैसे ऐतिहासिक संस्थान से जुड़ना हमारे लिए गर्व की बात है। हम अपने वैश्विक नेटवर्क और औद्योगिक संपर्कों के माध्यम से यहाँ के मेधावी युवाओं के विचार को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर ले जाने के लिए पूर्णतः संकल्पित हैं।
इस एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से शोध परियोजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, क्षमता निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु कार्रवाई तथा सामाजिक नवाचार से संबंधित गतिविधियों का संचालन करेंगी। इस अवसर पर काशी विद्यापीठ के वित्त अधिकारी हरि शंकर मिश्रा, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, ईजीआईएफ के प्रबंध निदेशक डॉ. विवेक कुमार सिंह, डॉ. ज्योति त्रिपाठी, डॉ. राम आधार चौधरी, ममता यादव, संदीप कुमार, सर्वेन्द्र कुमार खरवार, राजेश यादव, धीरेन्द्र आदि उपस्थित रहे।



