
✍️नवीन तिवारी
वाराणसी:- आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने यूपी के डीजीपी सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर एडिशनल एसपी लाल प्रताप सिंह को तत्काल ट्रांसफर किए जाने की मांग की है.
उन्होंने कहा है कि कफ सिरप मामले में एसटीएफ द्वारा अब तक जिस प्रकार से कार्यवाही हो रही है, वह पूरी तरह सवालों के घेरे में है.
इनमें अभियुक्त शुभम अग्रवाल के दुबई भागने और अमित सिंह टाटा की गिरफ्तारी के समय से जुड़े सवाल शामिल हैं.
इसके साथ ही कल बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के समय दिए गए प्रेस नोट में जहां आशियाना और सुशांत गोल्फ सिटी के दो मुकदमे दिखाए गए थे, वही थाना हजरतगंज में दर्ज एफआईआर संख्या 387/ 2019 धारा 307, 504 आईपीसी का उल्लेख नहीं किया गया था. इस मुकदमे में आलोक प्रताप सिंह के साथ पूर्व सांसद धनंजय सिंह का भी नाम है, जिन पर एक व्यक्ति को ठेकेदारी के मामले में धमकी देने और गोली मरवाने के आरोप हैं.
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि इतने गंभीर मामले का उल्लेख नहीं किया जाना स्पष्टतया अनुचित है. आलोक प्रताप सिंह का एसटीएफ द्वारा डिमांड नहीं प्राप्त किया जा पाना भी इस दिशा में एक और प्रमाण दिखता है.
उन्होंने कहा कि इन मामलों में जौनपुर के मूल निवासी लाल प्रताप सिंह की विशेष भूमिका बताई जा रही है. अतः उन्होंने डीजीपी से लाल प्रताप सिंह को तत्काल ट्रांसफर करने तथा उनके पत्र में अंकित तथ्यों की जांच और कार्रवाई की मांग की है.
संलग्न– हजरतगंज थाने में दर्ज एफआईआर की प्रति, जिसका उल्लेख एसटीएफ के प्रेस नोट में नहीं है
थाना हजरतगंज लखनऊ में दर्ज FIR की प्रति, जिसमें आलोक प्रताप सिंह और धनंजय सिंह दोनों अभियुक्त हैं, जिसका उल्लेख एसटीएफ ने अपने प्रेस नोट में नहीं किया है।




