
दिल्ली:- सरकार ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स गाइडलाइंस, 2025 में बदलाव किए हैं. इसके तहत सभी राज्यों को ओला-उबर और रैपिडो कैब सर्विस में नए नियमों को लागू करने के लिए कहा गया है. ओला-उबर और रैपिडो कैब सर्विस में लागू होने जा रहे नए नियमों का मकसद फीमेल पैसेंजर्स की सेफ्टी बढ़ाना है,इसमें फिलहाल नियम लागू होने की कोई फिक्स्ड डेट नहीं दी गई है. इससे पहले जुलाई 2025 में सरकार ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स की मूल गाइडलाइंस जारी की थी. तब राज्यों को इसे लागू करने के लिए मैक्सिमम 3 महीने का वक्त मिला था. ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार इस बार भी नियमों को लागू करने के लिए मोहलत देगी।
सरकार ने टिपिंग के नियमों में भी बदलाव किए हैं. अब पैसेंजर राइड पूरी होने पर अपनी मर्जी से ड्राइवर को टिप दे सकेंगे, लेकिन इसकी कुछ शर्तें होंगी. टिप देने का ऑप्शन राइड पूरी होने के बाद ही दिखेगा. यानी बुकिंग के समय या सफर के दौरान टिप नहीं दिया जा सकता. जितनी भी टिप मिलेगी, उसपर सिर्फ ड्राइवर का हक होगा.अभी कैब सर्विस ऐप में उबर हिट है. इस कैब सर्विस ऐप के 100 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं. रैपिडो और ओला ऐप के 10-10 करोड़ यूजर्स हैं. इसके साथ ही ब्लू स्मार्ट और इनड्राइव जो कुछ शहरों में कैब सर्विस देते हैं, इसके भी 10-10 करोड़ यूजर्स हैं.इसमें मुश्किलें तो हैं. पूरे देश में कुल कैब ड्राइवरों में महिलाओं की हिस्सेदारी 5% से भी कम है. ऐसे में समान जेंडर ड्राइवर चुनने का ऑप्शन प्रैक्टिकल नहीं लगता. महिला ड्राइवरों की कमी की वजह से बुकिंग के दौरान वेटिंग टाइम काफी बढ़ सकता है. आपकी राइड कैंसिल हो सकती है. खासकर लेट नाइट में जब कैब की डिमांड ज्यादा होती है, तब पैंसजरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
केंद्र सरकार ने ओला, उबर जैसी कैब एग्रीगेटर्स के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसके तहत अब महिला यात्री ऐप में जेंडर चॉइस के ज़रिए फीमेल ड्राइवर चुन सकेंगी (उपलब्धता के अधीन), और राइड पूरी होने के बाद ही टिप दे सकेंगी, जिसका पूरा पैसा ड्राइवर को मिलेगा; यह नियम महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के लिए है. यह नियम ‘मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश-2025’ में संशोधन के बाद लागू किया गया है, जिसमें कंपनियों को ऐप में यह विकल्प देना अनिवार्य किया गया है.
मुख्य बातें: –
जेंडर चॉइस: महिला यात्री ऐप में ‘सेम जेंडर ड्राइवर’ का विकल्प चुन सकेंगी, जिससे उन्हें महिला ड्राइवर मिल सके.
टिपिंग: यात्रा पूरी होने के बाद ही टिप देने का विकल्प मिलेगा, और यात्री जितनी टिप देंगे, उसका 100% हिस्सा ड्राइवर को मिलेगा (कोई कमीशन नहीं).
सुरक्षा पर जोर: यह कदम महिला यात्रियों की सुरक्षा और सहजता को ध्यान में रखकर उठाया गया है.
चुनौती: वर्तमान में महिला ड्राइवरों की संख्या कम होने के कारण, यह विकल्प उपलब्धता पर निर्भर करेगा और वेटिंग टाइम बढ़ सकता है, लेकिन यह सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.
अन्य बदलाव: एडवांस टिपिंग पर रोक और डेड माइलेज चार्ज व सर्ज प्राइसिंग से राहत जैसे बदलाव भी शामिल।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम महिला यात्रियों के लिए अधिक सहज और सुरक्षित अनुभव प्रदान करेगा। इसके अलावा, यह फीचर महिला ड्राइवरों के लिए रोजगार और अवसर भी बढ़ाएगा। ऐप के माध्यम से टिप देने का विकल्प ड्राइवर की मेहनत और सेवाओं का उचित सम्मान सुनिश्चित करेगा।
ओला और उबर के इस कदम से राइड‑हेल्प इंडस्ट्री में जेंडर‑सेंसिटिव सर्विस को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में इस तरह के फीचर्स और विस्तार से यात्रियों की संतुष्टि और सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है।



