नवीन तिवारी —
वाराणसी:- भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर सोमवार को काशी के मीरघाट स्थित प्राचीन मां विशालाक्षी मंदिर में आदिशक्ति मां विशालाक्षी का प्राकट्य उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मां का भव्य श्रृंगार, विशेष आरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दिनभर चले भंडारे में 5000 से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। प्रातः करीब साढ़े पांच बजे महंत सुरेश तिवारी ने मां विशालाक्षी का अभिषेक कर आरती की। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ।

शक्तिपीठ के रूप में विशेष मान्यता
मीरघाट स्थित मां विशालाक्षी धाम को काशी के प्रमुख शक्तिपीठों में विशेष स्थान प्राप्त है। धार्मिक मान्यता के अनुसार देवी सती के शरीर के अंग जहां-जहां गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ के रूप में प्रतिष्ठित हुए। काशी में मां विशालाक्षी का यह पावन धाम भी शक्ति उपासना के प्रमुख केंद्रों में माना जाता है। देशभर से श्रद्धालु यहां मां के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं।
काशी की धार्मिक परंपरा में मां विशालाक्षी को आदिशक्ति के स्वरूप में पूजा जाता है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि मां के दर्शन और पूजन से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा परिवार में सुख-समृद्धि और मंगल का वास होता है।
बाबा विश्वनाथ के रात्रि विश्राम की मान्यता
मां विशालाक्षी मंदिर का संबंध काशी विश्वनाथ से भी जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यता है कि बाबा विश्वनाथ रात्रि विश्राम के लिए मां विशालाक्षी के मंदिर में आते हैं। इसी मान्यता के चलते मां विशालाक्षी धाम का काशी की धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व माना जाता है।
प्राकट्य उत्सव के आयोजन में महंत परिवार की ओर से महंत राजनाथ तिवारी, पंडित नितिन तिवारी, पंडित अनिल तिवारी, पंडित विकास तिवारी, जतिन तिवारी सहित अन्य महंतों ने व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। शहर के वरिष्ठ नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्सव में भाग लिया।
पूरे दिन मंदिर परिसर मां के जयकारों और भक्ति के वातावरण से गूंजता रहा। रात में कन्हैया दुबे केडी की टीम ने भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में झूमते रहे। भक्तों ने मां विशालाक्षी के दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। दिनभर चले विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक प्रसाद वितरित किया गया।



