
लखनऊ:- राष्ट्रीय अध्यक्ष—निषाद पार्टी एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की अध्यक्षता में 01 विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ मंडल के पार्टी पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव संगठन की एकजुटता, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनता के विश्वास का चुनाव होगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से बूथ स्तर तक संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा पार्टी की नीतियों को मछुआ समाज के घर-घर तक पहुँचाने का कार्य करें।
उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी सामाजिक न्याय, समान भागीदारी और वंचित, शोषित एवं पिछड़े समाज के अधिकारों की लड़ाई निरंतर लड़ती रही है। प्रदेश सरकार द्वारा समाज के सर्वांगीण विकास एवं अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए किए जा रहे कार्यों को जनता के बीच प्रभावी ढंग से रखने की आवश्यकता है।
डॉ. निषाद ने कहा कि संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। आगामी चुनाव को देखते हुए प्रत्येक पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में नियमित जनसंपर्क अभियान चलाए, नए कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़े तथा बूथ और सेक्टर स्तर पर संगठनात्मक संरचना को पूर्ण रूप से सुदृढ़ करें। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से पूर्ण समर्पण, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक में संगठन की आगामी रणनीति, सदस्यता अभियान, बूथ सशक्तिकरण, जनसंपर्क कार्यक्रमों तथा विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा आगामी विधानसभा चुनाव में उत्कृष्ट प्रदर्शन का संकल्प लिया।
विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति आयोग पर राष्ट्रीय अध्यक्ष—निषाद पार्टी एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति आयोग के गठन के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक एवं सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि, विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजातियों को उनका सम्मान और अधिकार दिलाने का संघर्ष आज का नहीं, बल्कि दशकों पुराना है। उन्होंने स्वयं भी लंबे समय से इन समाजों को उनका संवैधानिक एवं सामाजिक अधिकार दिलाने के लिए निरंतर आवाज़ उठाई है। चाहे सामाजिक आंदोलन हो, जनजागरण अभियान हो या शासन स्तर पर निरंतर प्रयास—उन्होंने हमेशा विमुक्त एवं मछुआ समाज सहित सभी वंचित समुदायों के सम्मान, पहचान और अधिकारों की लड़ाई को प्राथमिकता दी है।
डॉ. निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदायों की लगभग 193 जातियाँ निवास करती हैं। स्वतंत्रता से पूर्व अंग्रेजी शासन ने इन समुदायों पर क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट जैसा अमानवीय और काला कानून थोप दिया था। इन समुदायों ने अंग्रेजों की दासता स्वीकार करने के बजाय उनके विरुद्ध संघर्ष का मार्ग चुना, जिसके कारण उन्हें वर्षों तक सामाजिक उपेक्षा, विस्थापन और अन्याय का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मछुआ समाज की निषाद, केवट, मल्लाह, बिंद, कहार, कश्यप, धीवर, धीमर, रैकवार सहित अन्य उपजातियाँ भी इस ऐतिहासिक अन्याय की पीड़ा झेलने वाले समुदायों में शामिल रही हैं। इन समाजों ने देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन उन्हें
लंबे समय तक उनके अधिकारों और सम्मान से वंचित रखा गया।
डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति आयोग के गठन का निर्णय इन समुदायों के सम्मान, अधिकारों और समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह निर्णय उन समाजों को न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिनके साथ वर्षों तक अन्याय हुआ।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जिन समुदायों की उपेक्षा की, आज उन्हें सम्मान और अधिकार दिलाने का कार्य वर्तमान सरकार कर रही है। इसके लिए निषाद समाज सहित सभी विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदाय उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करते हैं।

डॉ. निषाद ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोग विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समाज के सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए प्रभावी कार्य करेगा तथा इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



