
नवीन तिवारी —
वाराणसी: – बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी को अब आधुनिक और विश्वस्तरीय बिजली व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने शनिवार को वाराणसी सर्किट हाउस में ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि काशी में 24×7 निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर और सर्किट हाउस में आधुनिक रिंग मेन यूनिट (RMU) तकनीक स्थापित की जा चुकी है। इस तकनीक के तहत यदि किसी एक फीडर या उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तो दूसरे स्रोत से तुरंत सप्लाई शुरू हो जाएगी। इससे बिजली कटौती की समस्या में बड़ी कमी आएगी और उपभोक्ताओं को लगातार बिजली मिल सकेगी।
बैठक में 16 नए विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण कार्य की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 14 उपकेंद्रों पर निर्माण कार्य जारी है, जिनमें 10 की छत की ढलाई पूरी हो चुकी है, जबकि दो परियोजनाएं भूमि विवाद के कारण लंबित हैं। इस पर मंत्री ने सभी बाधाएं तत्काल दूर कर तय समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री ने बिजली लाइनों में उपयोग हो रही बांस-बल्ली व्यवस्था को एक महीने के भीतर पूरी तरह समाप्त करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्युत नेटवर्क को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जाए तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
सावन माह और कांवड़ यात्रा को देखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कांवड़ मार्गों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति, जर्जर लाइनों की मरम्मत, संवेदनशील स्थलों की निगरानी और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक के अंत में ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने साफ चेतावनी दी कि कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, बाधा या दुर्घटना होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।



