लखनऊ:- प्रदेश की राजधानी का सबसे व्यस्त चारबाग रेलवे स्टेशन इन दिनों अवैध अतिक्रमण की चपेट में है। लगातार शिकायतों के बावजूद छोटी लाइन के बाहर सड़क और फुटपाथ पर ठेले, खोमचे और अस्थायी दुकानों का कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि राहगीरों और यात्रियों का निकलना तक मुश्किल हो गया है।




सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि, जीआरपी बूथ के ठीक बगल में खाने-पीने के ठेले खुलेआम लगाए जा रहे हैं। इन ठेलों ने आसपास का बड़ा हिस्सा घेर रखा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नजरें मानो इस ओर जाती ही नहीं हैं।
वहीं, टेम्पू स्टैंड के आगे से लेकर मुख्य सड़क तक बिना किसी अनुमति के ऑटो, ई-रिक्शा और अवैध ठेले सड़क पर कब्जा जमाए खड़े रहते हैं। इससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब रेलवे स्टेशन के बाहर का अतिक्रमण ही नहीं हट पा रहा, तो स्टेशन परिसर की अन्य शिकायतों का समाधान आखिर कैसे होता होगा? क्या यह सब जिम्मेदार विभागों की लापरवाही है या फिर किसी के संरक्षण में यह अवैध कब्जे का खेल चल रहा है?
प्रशासन और रेलवे अधिकारियों से मांग है कि चारबाग रेलवे स्टेशन की छोटी लाइन के बाहर फैले अवैध अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करते हैं या फिर शिकायतें केवल फाइलों में ही दबी रह जाएंगी।



